मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

राम मंदिर दान चोरी मामला: राहुल-खड़गे के पत्र पर NDA-INDIA गठबंधन में घमासान, स्वतंत्र जांच की मांग तेज

अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

राम मंदिर दान चोरी मामला: राहुल-खड़गे के पत्र पर NDA-INDIA गठबंधन में घमासान, स्वतंत्र जांच की मांग तेज
(फोटो: IANS)

अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखे जाने के बाद सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी ‘इंडी’ गठबंधन के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाते हुए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

विज्ञापन

कांग्रेस नेताओं ने अपने पत्र में मांग की है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकदी, सोने, चांदी और अन्य सभी तरह के दान का पूरा सार्वजनिक हिसाब दिया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि जांच किसी भी राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह मुक्त होनी चाहिए।

सत्ता पक्ष का पलटवार

विपक्ष की इस मांग पर एनडीए के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "राहुल गांधी और उनकी पार्टी पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाती रही है और अब अचानक राम की चिंता जताना महज राजनीतिक ड्रामा है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दान चोरी के मामले की जांच पहले से ही चल रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने भी कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने जांच की प्रगति पर जानकारी देते हुए कहा, "मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी कार्रवाई कर रही है। सात से आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। अंतिम रिपोर्ट जल्द आएगी तथा सभी दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।" वहीं, शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, लेकिन इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

विपक्ष ने किया अपने कदम का बचाव

विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के अपने फैसले का बचाव किया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस घटना को पूरे देश के लिए "दुखद और शर्मनाक" बताते हुए सरकार से संवेदनशीलता दिखाने और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी का प्रधानमंत्री को पत्र लिखना एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "एसआईटी जांच कर रही है, लेकिन निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।" उन्होंने याद दिलाया कि उनकी पार्टी पहले ही इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर चुकी है। राजद के पूर्व नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी कहा कि जनता से जुड़े मुद्दे उठाना विपक्ष की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

इनपुट: IANS

N

News4Social राजनीति डेस्क

News4Social राजनीति डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राजनीति और चुनाव से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →