रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
अपराध

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी: मुख्य आरोपी और भतीजे से 39 घंटे की रिमांड में पूछताछ, कई अहम खुलासे

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और उसके भतीजे मनीष यादव…

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी: मुख्य आरोपी और भतीजे से 39 घंटे की रिमांड में पूछताछ, कई अहम खुलासे
(फोटो: IANS)

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और उसके भतीजे मनीष यादव को 39 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की है। इस दौरान जांच टीम ने घटनाक्रम को फिर से समझने और सबूतों की पुष्टि करने की कोशिश की।

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शनिवार सुबह करीब 8 बजे दोनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लिया गया था, जो रविवार रात 11 बजे तक जारी रहेगी। जांच के सिलसिले में पुलिस रविवार तड़के करीब 3 बजे दोनों को उनके घर ले गई। इसके बाद, जांच अधिकारी मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को राम जन्मभूमि परिसर भी ले गए ताकि घटना का नाट्य रूपांतरण किया जा सके। फिलहाल, दोनों से पुलिस लाइन्स में पूछताछ जारी है।

जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पता चला है कि राम मंदिर की दान पेटियों की सभी चाबियां मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' के पास रहती थीं, जबकि इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी। जांच में ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य की भूमिका भी सामने आई है, जिन पर बिना किसी तय प्रक्रिया के चाबियां टिन्नू को सौंपने का आरोप है।

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि टिन्नू को मंदिर परिसर में कहीं भी आने-जाने की पूरी स्वतंत्रता थी। वह किसी भी गेट से बिना इजाजत प्रवेश कर सकता था और दान की गिनती वाली जगह पर भी उसकी बेरोकटोक आवाजाही थी।

भतीजे की नियुक्ति और पैसों की बरामदगी

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि टिन्नू यादव ने अपने भतीजे मनीष यादव को चढ़ावे की गिनती करने वाली टीम में नियुक्त करवाया था। पुलिस ने मनीष के पास से मंदिर की दान पेटियों से चुराए गए 2 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि टिन्नू ने अपनी पत्नी के नाम पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई थी और उसके बेटे ने मंदिर से जुड़े प्रभाव का इस्तेमाल कर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में नौकरी हासिल की थी।

पुलिस इस मामले में पहले ही छह अन्य आरोपियों से कस्टडी में पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि चाचा-भतीजे की जोड़ी से पूछताछ के दौरान साजिश, पैसे के लेन-देन और इसमें शामिल हर व्यक्ति की भूमिका को लेकर और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। रिमांड खत्म होने पर दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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