बैंक ऑफ महाराष्ट्र धोखाधड़ी: पूर्व मैनेजर को 7 साल की जेल, CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जयपुर शाखा में हुए करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम भरोस मीणा को सात साल के कठोर…
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जयपुर शाखा में हुए करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम भरोस मीणा को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मीणा पर 2,85,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला 2015 का है, जब राम भरोस मीणा पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि 15 जनवरी से 6 मई 2015 के बीच मीणा ने अवैध तरीके से 17 खातों में ऋण स्वीकृत किए थे। यह कर्ज बिना किसी वैध आवेदन, जरूरी दस्तावेजों या पर्याप्त सुरक्षा के दिए गए थे, जिससे बैंक को करीब 3.61 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
क्या था पूरा मामला?
इस धोखाधड़ी की शिकायत बैंक ऑफ महाराष्ट्र के जयपुर स्थित आंचलिक कार्यालय ने 3 जून 2016 को दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 9 नवंबर 2016 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने 9 जुलाई 2020 को राम भरोस मीणा और एक अन्य निजी व्यक्ति माखन लाल मीणा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत का अंतिम फैसला
अदालत ने 1 दिसंबर 2021 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए और मामले की सुनवाई आगे बढ़ी। सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर जयपुर की सीबीआई अदालत ने दोनों को दोषी पाया। राम भरोस मीणा के अलावा, मामले में दोषी पाए गए माखन लाल मीणा को भी तीन साल की कठोर कैद और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
इनपुट: IANS



