असम में भूस्खलन: एक महीने से त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर का देश से रेल संपर्क प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण असम में एक महत्वपूर्ण रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे पूर्वोत्तर के तीन राज्यों — त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर — के साथ-साथ दक्षिणी असम का देश के बाकी हिस्सों से…
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण असम में एक महत्वपूर्ण रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे पूर्वोत्तर के तीन राज्यों — त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर — के साथ-साथ दक्षिणी असम का देश के बाकी हिस्सों से रेल संपर्क लगभग एक महीने से बाधित है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, असम के दिमा हसाओ जिले में न्यू हरंगाजाओ स्टेशन के पास ज़मीन धंसने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
यह समस्या लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी सेक्शन में पैदा हुई है, जिसे दक्षिणी असम, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रेल मार्ग माना जाता है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगातार मध्यम से भारी बारिश के कारण लगभग 300 मीटर का हिस्सा प्रभावित हुआ है, जहाँ तीन में से दो रेलवे पटरियों के नीचे की मिट्टी खिसक गई।
मरम्मत कार्य और चुनौतियाँ
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद, बड़ी संख्या में मजदूर, रेलवे कर्मचारी और इंजीनियरिंग टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। प्रभावित पटरियों को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए भारी मशीनें भी लगाई गई हैं। हालांकि, उन्होंने कहा, "हम यह नहीं कह सकते कि सामान्य ट्रेन सेवा कब शुरू होगी।" लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण मरम्मत के काम में काफी रुकावटें आ रही हैं, जिससे सामान्य सेवाएँ बहाल होने में देरी हो रही है।
ट्रेनों का संचालन और सुरक्षा उपाय
फिलहाल, प्रभावित हिस्से पर केवल एक ट्रैक (लाइन 3) से ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस लाइन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा के कड़े उपाय अपनाए गए हैं। दिन के समय ट्रेनों को नियंत्रित परिस्थितियों में गुजरने दिया जा रहा है, लेकिन रात के समय इस सेक्शन पर यात्री ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से रोक दिया गया है। मरम्मत कार्य के चलते गुवाहाटी-सिलचर और गुवाहाटी-दुल्लाबचेरा एक्सप्रेस सेवाओं को रद्द कर दिया गया है। कई अन्य ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है या उन्हें आंशिक रूप से रद्द किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सरकारी प्रयास
त्रिपुरा के परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार के अधिकारी NFR के अधिकारियों और इंजीनियरों के संपर्क में हैं ताकि मरम्मत कार्य पूरा होते ही सामान्य रेल सेवा फिर से शुरू की जा सके। वहीं, सीपीआई-एम और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों ने रेल मंत्रालय और त्रिपुरा सरकार पर आरोप लगाया है कि वे इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ट्रैक की मरम्मत में तेजी लाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



