झारखंड: विधानसभा के बाहर छात्रों का 10 घंटे तक प्रदर्शन, पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सोमवार को छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। रांची में विधानसभा का घेराव करने पहुंचे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सोमवार को छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। रांची में विधानसभा का घेराव करने पहुंचे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद करीब 10 घंटे चले गतिरोध का अंत हुआ। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने शाम सात बजे विधानसभा के मुख्य द्वार के सामने की सड़क को प्रदर्शनकारियों से खाली करा लिया।
छात्रों का यह प्रदर्शन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ था। सुबह करीब नौ बजे से ही छात्र पुराने विधानसभा परिसर के पास जुटना शुरू हो गए थे। दिन भर चले इस प्रदर्शन में छात्रों ने पुलिस की कई बैरिकेडिंग तोड़ दी और शाम चार बजे तक वे विधानसभा के मुख्य द्वार तक पहुंचने में कामयाब हो गए।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
जब प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा के गेट के पास पहुंच गए तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी जब छात्र नहीं हटे तो आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। छात्रों की ओर से भी पथराव की खबरें हैं, जिसमें कई पुलिसकर्मियों और छात्रों के घायल होने की सूचना है। लाठीचार्ज के दौरान कई छात्र-छात्राएं सड़क पर लेट गए, जिन्हें पुलिस ने बलपूर्वक हटाया। इस कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
अनशन पर बैठे छात्र नेता को जबरन हटाया गया
इस प्रदर्शन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी शामिल थे, जो पिछले नौ दिनों से अनशन पर बैठे थे। उनकी तबीयत ठीक न होने के कारण वे एंबुलेंस और स्ट्रेचर के जरिए प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें जबरन एक एंबुलेंस में बिठाकर वहां से हटा दिया। देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
पुलिस की कार्रवाई के बाद भी छात्रों का आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। एक अन्य छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “हमारा आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अब यह जनआंदोलन बन चुका है।” उन्होंने साफ किया कि अब मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत होगी और जब तक जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। शाम को सड़क खाली कराए जाने के बावजूद सैकड़ों छात्र विधानसभा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर समूहों में जमा होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे।
गौरतलब है कि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच रविवार को हुई तीसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही थी, जिसके बाद सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया गया था। छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



