छात्र प्रदर्शन: राहुल गांधी ने घायल छात्र को सामने लाकर सरकार पर पेलेट गन इस्तेमाल का आरोप लगाया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल करने और इस बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस दावे के समर्थन…
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल करने और इस बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस दावे के समर्थन में एक घायल छात्र को मीडिया के सामने पेश किया, जिसे कथित तौर पर पुलिस की कार्रवाई में गंभीर चोटें आई थीं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हुए 'चलो संसद' मार्च से जुड़ा है।
राहुल गांधी ने 19 वर्षीय छात्र साहिल को अपने साथ खड़ा कर मीडिया को उसकी चोटें दिखाईं। उन्होंने साहिल की टी-शर्ट उठाकर उसके चेहरे, दाहिने हाथ और शरीर के ऊपरी हिस्सों पर लगे पेलेट के निशान दिखाए। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि यह छात्रों के खिलाफ हुई "बेरहम कार्रवाई" का सीधा सबूत है। उन्होंने कहा, "सरकार इस बात से इनकार करती रही है कि पेलेट चलाए गए थे लेकिन यह रहा सबूत।"
घायल छात्र की स्थिति और आरोप
राहुल गांधी ने बताया कि साहिल को उस वक्त पेलेट लगे जब वह तिरंगा लहराते हुए एक छात्र के तौर पर अपने अधिकारों की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा, "मेरे भाई को पेलेट तब लगे जब वह राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहा था। उसे अपनी दाहिनी आंख से दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि उसमें पेलेट लगे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि साहिल की आंखों की रोशनी वापस आएगी या नहीं, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है। साहिल का घटना के बाद अस्पताल में इलाज कराया गया था।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों और विपक्षी गुट की मांगों को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि ये मांगें पक्की हैं और उन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मांगों में शामिल हैं:
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए। राहुल गांधी ने उन्हें "अपराधी शिक्षा मंत्री" बताते हुए कहा कि उन्हें पद छोड़ना ही होगा।
- छात्रों को चोट पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले पर माफी मांगें।
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार उनके प्रति "संवेदनहीन और असहिष्णु" रवैया अपना रही है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के इन प्रयासों के बावजूद, आंदोलन अपने लक्ष्यों पर अडिग है।
पेलेट गन पर बढ़ता विवाद
छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई रिपोर्टों में दिल्ली में हुए इस आंदोलन के दौरान पेलेट के इस्तेमाल की बात सामने आई है। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों पर पेलेट चलाने के आरोपों के बाद, भीड़ को नियंत्रित करने के उनके तरीकों की गहन जांच की मांग भी उठ रही है। माना जा रहा है कि फोर्स ने इन आरोपों की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
इनपुट: IANS



