ईरान-अमेरिका तनाव: परमाणु समझौते पर रुकी बातचीत फिर शुरू कराने की कोशिश में जुटा कतर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और रुकी हुई बातचीत को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कतर एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कतर का कहना है कि वह दोनों देशों के साथ मिलकर एक साझा ज़मीन तलाशने की कोशिश कर…
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और रुकी हुई बातचीत को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कतर एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कतर का कहना है कि वह दोनों देशों के साथ मिलकर एक साझा ज़मीन तलाशने की कोशिश कर रहा है, जिससे रुकी हुई वार्ता फिर से शुरू हो सके। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है।
मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने न्यूयॉर्क में कतर इकोनॉमिक फोरम के दौरान कहा, "हमारी मध्यस्थ टीम तेहरान और अमेरिका, दोनों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि यह देखा जा सके कि बातचीत को फिर से कैसे शुरू किया जा सकता है।" उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में वॉशिंगटन और तेहरान के साथ कई सुझावों और विचारों का आदान-प्रदान हुआ है। अल अंसारी के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों के हालिया बयानों से भी ऐसे संकेत मिले हैं कि वे एक समझौते पर पहुंचना चाहते हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान की चेतावनी
कतर का मानना है कि किसी भी समझौते का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में स्थिरता लाना और होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए। अल अंसारी ने स्पष्ट किया, "हम जो भी कुछ कर रहे हैं, उसके दो मुख्य उद्देश्य हैं- होर्मुज स्ट्रेट को खोलना और युद्ध का रोकना।"
हालांकि, कतर की इन कोशिशों के बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाया हुआ है। ईरान की शीर्ष सैन्य कमान, खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने रविवार को एक बयान जारी कर अमेरिका और मध्य पूर्व के कुछ देशों को चेतावनी दी। बयान में कहा गया कि अगर उन्होंने कोई 'गलती' की तो उन्हें 'दर्दनाक' हमलों का सामना करना पड़ेगा। ईरानी सैन्य कमान ने यह भी कहा कि अगर ईरान के खिलाफ कोई कदम उठाया गया, तो इलाके में मौजूद अमेरिका के सभी सैन्य ठिकानों और हितों को निशाना बनाया जाएगा।
ईरान का अमेरिका पर आरोप
ईरान ने दावा किया है कि उसके पास खुफिया जानकारी है कि अमेरिका ने हाल ही में यूरोप में एक बैठक के दौरान कुछ क्षेत्रीय देशों के समर्थन से तेहरान के खिलाफ फिर से कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। इसी संदर्भ में ईरान ने चेतावनी दी कि ऐसे हमले 'लगातार, असरदार और दर्दनाक होंगे और इनमें किसी तरह की कोई सीमा या रियायत नहीं होगी।' ईरान ने क्षेत्र के अन्य देशों को भी चेताया है कि यदि वे अमेरिका की कथित 'आक्रामक कार्रवाई' का साथ देते हैं तो वे ईरान की सेना से नरमी की उम्मीद न करें।
इनपुट: IANS



