इराक़ से लॉन्च हुए ड्रोन सऊदी तेल ठिकानों पर हमले में नाकाम, कतर ने की कड़ी निंदा
सऊदी अरब ने शनिवार को अपने पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में स्थित तेल ठिकानों को निशाना बनाने की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। देश के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने इराक़ी…
सऊदी अरब ने शनिवार को अपने पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में स्थित तेल ठिकानों को निशाना बनाने की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। देश के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने इराक़ी क्षेत्र से लॉन्च किए गए कई ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के प्रयास को ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों (मिलिशिया) द्वारा अंजाम दिए जाने का आरोप है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने एक बयान में पुष्टि की कि ये ड्रोन पिछले कुछ घंटों में सऊदी हवाई सुरक्षा बलों द्वारा नष्ट किए गए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और ज़रूरत पड़ने पर वह जवाब देने का अधिकार भी सुरक्षित रखता है। अभी तक इराक के किसी भी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और क़तर का समर्थन
इस घटना पर क़तर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। क़तर के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसे सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया। बयान में कहा गया, “क़तर सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में तेल ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश करने वाले उन हमलों की कड़ी निंदा करता है, जो इराकी क्षेत्र से छोड़े गए ड्रोन के ज़रिए किए गए थे।”
मंत्रालय ने आगे कहा कि क़तर पूरी तरह से सऊदी अरब के साथ खड़ा है और उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और ज़मीन की रक्षा के लिए उठाए गए सभी क़ानूनी क़दमों का समर्थन करता है।
पहले की घटनाएँ और इराक़ का रुख
यह हमला इस तरह की पहली घटना नहीं है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि 20 मई को इराक में एक विशेष समिति का गठन किया गया था, जिसका उद्देश्य सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ मिलकर उन ड्रोन हमलों की जाँच करना था, जिनके इराक़ से शुरू होने का दावा किया गया था।
इराक़ी प्रवक्ता सबा अल-नुमान के अनुसार, देश की राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रिपरिषद ने आदेश दिया है कि अगर यह साबित होता है कि हमले इराक़ी ज़मीन से किए गए थे, तो ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सभी ज़रूरी क़दम उठाए जाएँगे।
इनपुट: IANS



