अगले हफ्ते शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे तिमाही नतीजे और ईरान-अमेरिका का बढ़ता तनाव
भारतीय शेयर बाजार में अगले कारोबारी हफ्ते हलचल बनी रह सकती है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार की चाल तय करने में कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारक अहम भूमिका निभाएंगे। इनमें बड़ी…
भारतीय शेयर बाजार में अगले कारोबारी हफ्ते हलचल बनी रह सकती है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार की चाल तय करने में कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारक अहम भूमिका निभाएंगे। इनमें बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों से लेकर मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले आर्थिक आंकड़े शामिल हैं।
बीता सप्ताह निवेशकों के लिए मुनाफे वाला रहा, जिसमें सेंसेक्स 582.06 अंक (0.75%) बढ़कर 78,151.45 पर और निफ्टी 127.40 अंक (0.53%) की बढ़त के साथ 24,334.30 पर बंद हुआ। इस दौरान निफ्टी आईटी सेक्टर 4.34% की शानदार तेजी के साथ टॉप गेनर रहा।
तिमाही नतीजों का मौसम
अगले सप्ताह 20 से 24 जुलाई के बीच कई बड़ी कंपनियां वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के अपने वित्तीय परिणाम जारी करेंगी। निवेशकों की नजर इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज ऑटो, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, बीपीसीएल और इंडिगो जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर रहेगी। इनके अलावा बजाज हेल्थकेयर, इंडियन ओवरसीज बैंक, जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा, एमएंडएम फाइनेंस, अडानी ग्रीन, अडानी पावर और जेएसडब्ल्यू एनर्जी के नतीजे भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय तनाव और कच्चे तेल की कीमतें
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव एक बड़ी चिंता का विषय है। ईरानी हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत और अमेरिका द्वारा जवाबी हवाई हमले के बाद मध्य पूर्व में स्थिति और बिगड़ गई है। इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है, जो फिर से बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 4.59% उछलकर 88.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 4.48% की मजबूती के साथ 84.49 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। तेल की कीमतों में यह तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।
आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी नजर
घरेलू मोर्चे पर, सरकार 24 जुलाई को पीएमआई (Purchasing Managers' Index) के आंकड़े जारी करेगी। यह इंडेक्स औद्योगिक क्षेत्र में गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है और इससे देश की आर्थिक सेहत का पता चलता है। ये आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में एक अहम भूमिका निभाएंगे।
इनपुट: IANS



