पंजाब फार्मेसी ऑफिसर पेपर लीक: भाजपा ने AAP सरकार पर उठाए सवाल, मंत्रियों के इस्तीफे की मांग
पंजाब में एक बार फिर सरकारी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की…
पंजाब में एक बार फिर सरकारी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा ने सरकार पर पारदर्शिता और ईमानदारी के झूठे दावे करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह भर्ती परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने में लगातार विफल रही है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी इस मामले में सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
यह विवाद 19 जुलाई को हुई पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। इस परीक्षा में 454 पदों के लिए लगभग 7,000 उम्मीदवार शामिल हुए थे, लेकिन परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया।
भाजपा का आरोप: यह एक 'सुनियोजित विफलता'
पंजाब भाजपा के राज्य महासचिव अनिल सरीन ने आरोप लगाया कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक 'सुनियोजित विफलता' का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र के अंदर ही प्रश्न पत्र को स्कैन किया गया, उसे बाहर भेजा गया, हल किया गया और फिर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उम्मीदवारों तक उत्तर पहुंचाए गए। सरीन ने इसे सुरक्षा में एक गंभीर चूक बताया।
उन्होंने कहा, “रजिस्ट्रार ने खुद माना है कि अधिकारियों को ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संभावित इस्तेमाल के बारे में पहले से जानकारी थी। इसके बावजूद सरकार पर्याप्त जैमर लगाने या एहतियाती उपाय करने में नाकाम रही, जिससे उसकी मंशा और क्षमता पर गंभीर सवाल उठते हैं।” भाजपा ने दावा किया है कि 'आप' सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा यह छठा बड़ा विवाद है, जिसमें नायब तहसीलदार परीक्षा और PSEB 12वीं के अंग्रेजी पेपर लीक जैसे मामले शामिल हैं।
मंत्रियों के इस्तीफे की मांग
भाजपा ने इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। अनिल सरीन ने 'आप' नेताओं को याद दिलाया कि कैसे अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने अन्य जगहों पर परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर इस्तीफे की मांग की थी, और अब वही मानक पंजाब में भी लागू होना चाहिए।
अकाली दल ने भी सरकार को घेरा
इस बीच, शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मामले में दर्ज FIR मुख्यमंत्री के दावों के विपरीत है, क्योंकि कोई स्कैनर पेन बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “सच तो यह है कि परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो गया था... FIR में केवल ब्लूटूथ डिवाइस और हेडफोन की जब्ती का जिक्र है। इसका मतलब है कि पेपर पहले ही लीक हो गया था और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए छात्रों तक जवाब पहुंचाए जा रहे थे।”
इनपुट: IANS



