भारत-मोल्दोवा संबंध: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ऐतिहासिक यात्रा, सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर ज़ोर
भारत और मोल्दोवा के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार को मोल्दोवा की राजधानी चिसीनाउ पहुँचीं। यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली राजकीय…
भारत और मोल्दोवा के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार को मोल्दोवा की राजधानी चिसीनाउ पहुँचीं। यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली राजकीय यात्रा है, जिसे दोनों देशों के बीच रिश्तों को मज़बूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक क़दम माना जा रहा है।
चिसीनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मोल्दोवा के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मिहाई पोपसोई ने राष्ट्रपति मुर्मु का गर्मजोशी से स्वागत किया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह यात्रा मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू के निमंत्रण पर हो रही है। राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस यात्रा की जानकारी साझा करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
यात्रा का एजेंडा और द्विपक्षीय वार्ता
अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु अपनी समकक्ष मैया सैंडू के साथ विस्तृत चर्चा करेंगी। इसके अलावा, वह मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसु और मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी मुलाक़ात करेंगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनका एक व्यापार मंच और भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है।
सहयोग के संभावित क्षेत्र
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और इस यात्रा से द्विपक्षीय साझेदारी को और बढ़ावा मिलेगा। कृषि, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग की काफ़ी संभावनाएँ हैं। मंत्रालय के सचिव (पश्चिम), सिबी जॉर्ज ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों को राजनीतिक सद्भावना से आगे बढ़कर व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते तलाशने का अवसर प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुर्मु की यह यात्रा उनके तीन देशों के दौरे का पहला पड़ाव है। मोल्दोवा के बाद वह उच्च-स्तरीय बैठकों के लिए नॉर्थ मेसेडोनिया और रोमानिया की यात्रा करेंगी।
इनपुट: IANS



