मंगलवार, 11 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कागज़ के नोटों की जगह लेंगे प्लास्टिक के नोट? 10 और 20 रुपए के 2 अरब पॉलीमर नोटों के ट्रायल को मिली हरी झंडी

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) देश में जल्द ही प्लास्टिक आधारित पॉलीमर करेंसी नोटों का परीक्षण शुरू कर सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्र सरकार ने 10 और 20 रुपए मूल्य के पॉलीमर नोटों के फील्ड…

कागज़ के नोटों की जगह लेंगे प्लास्टिक के नोट? 10 और 20 रुपए के 2 अरब पॉलीमर नोटों के ट्रायल को मिली हरी झंडी
(फोटो: IANS)

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) देश में जल्द ही प्लास्टिक आधारित पॉलीमर करेंसी नोटों का परीक्षण शुरू कर सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्र सरकार ने 10 और 20 रुपए मूल्य के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। इस परीक्षण के तहत दोनों ही मूल्यवर्ग के एक-एक अरब (कुल 2 अरब) नोट जारी किए जाएँगे।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव आरबीआई ने अपने केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत सरकार को भेजा था। अगर यह ट्रायल सफल रहता है, तो इन नोटों को नियमित रूप से जारी करने की योजना है।

क्या हैं पॉलीमर नोट और क्यों है इनकी ज़रूरत?

पॉलीमर नोट कागज़ के बजाय एक विशेष प्रकार के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। ये पारंपरिक नोटों के मुकाबले ज़्यादा टिकाऊ होते हैं और नमी, धूल या सामान्य घिसावट से जल्दी खराब नहीं होते। इनकी उम्र कागज़ के नोटों से अधिक होती है, जिससे बार-बार नोट छापने की लागत घट सकती है। इसके अलावा, इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर जोड़ना आसान होता है, जो जाली नोटों के कारोबार पर लगाम लगाने में मददगार साबित हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन जैसे कई देश पहले से ही पॉलीमर नोटों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर रहे हैं।

कब तक आएंगे नए नोट?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को स्पष्ट किया कि इन नोटों के लिए खरीद प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है। इसलिए, यह बताना अभी संभव नहीं है कि ये नोट आम लोगों के लिए कब तक उपलब्ध होंगे और इस पूरी परियोजना पर कितना खर्च आएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार, पॉलीमर नोटों को मौजूदा कागज़ आधारित नोटों के साथ-साथ ही जारी किया जाएगा, उन्हें पूरी तरह से बदला नहीं जाएगा।

RBI का क्या कहना है?

इस महीने की शुरुआत में, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पॉलीमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट अभी चल रहा है। उन्होंने समाचार एजेंसी IANS को बताया, "पॉलीमर नोटों पर अभी परीक्षण चल रहा है। बाजार में लाने से पहले इन नोटों की पूरी तरह जांच की जाएगी।" गवर्नर ने संकेत दिया कि फील्ड ट्रायल के नतीजों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही इन्हें बड़े पैमाने पर लाने पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आरबीआई का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक पॉलीमर नोटों को प्रचलन में लाना है।

इनपुट: IANS

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