चीन का महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन विफल, लॉन्च के तुरंत बाद हवा में फटा लॉन्ग मार्च 7ए रॉकेट
चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम को सोमवार रात एक बड़ा झटका लगा जब उसका एक महत्वपूर्ण रॉकेट, लॉन्ग मार्च 7ए, प्रक्षेपण के कुछ ही सेकंड बाद हवा में विस्फोट के साथ नष्ट हो गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम को सोमवार रात एक बड़ा झटका लगा जब उसका एक महत्वपूर्ण रॉकेट, लॉन्ग मार्च 7ए, प्रक्षेपण के कुछ ही सेकंड बाद हवा में विस्फोट के साथ नष्ट हो गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में एक संचार उपग्रह भी तबाह हो गया, जिसे यह रॉकेट पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने वाला था। यह घटना चीन के हालिया अंतरिक्ष अभियानों में एक दुर्लभ विफलता मानी जा रही है।
यह प्रक्षेपण चीन के हैनान द्वीप पर स्थित वेनचांग स्पेस लॉन्च सेंटर से किया गया था। उड़ान भरने के लगभग 85 सेकंड बाद ही रॉकेट एक विशाल आग के गोले में तब्दील होकर बिखर गया। इस घटना के वीडियो फुटेज में रॉकेट को उड़ान के शुरुआती चरण में ही हवा में टूटते हुए देखा जा सकता है।
तकनीकी खराबी और मिशन की विफलता
इस मिशन का उद्देश्य झोंगशिंग-4बी (चाइनासैट-4बी) नामक संचार उपग्रह को कक्षा में स्थापित करना था। इस उपग्रह का इस्तेमाल दुनिया भर में रेडियो, टेलीविजन और अन्य संचार सेवाओं के लिए किया जाना था, लेकिन रॉकेट के नष्ट हो जाने से यह मिशन पूरी तरह विफल हो गया। घटना के करीब तीन घंटे बाद चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने मिशन की विफलता की पुष्टि करते हुए बताया कि उड़ान के दौरान रॉकेट में "तकनीकी असामान्यता" आ गई थी।
चीन के सरकारी मीडिया ने इस दुर्घटना पर बहुत सीमित जानकारी दी है, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इससे जुड़े वीडियो को कथित तौर पर सीमित या हटा दिया गया है। फिलहाल, इस बात की जांच शुरू कर दी गई है कि रॉकेट में किस तरह की तकनीकी खराबी आई और यह विस्फोट क्यों हुआ।
चीन के लिए झटका
लॉन्ग मार्च 7ए रॉकेट को चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम का "वर्कहॉर्स" यानी मुख्य आधार माना जाता है। इसका विकास सरकारी कंपनी चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन (CASC) की एक इकाई ने किया है। यह इस रॉकेट का 18वां मिशन था। इससे पहले सिर्फ एक बार साल 2020 में अपनी पहली ही उड़ान के दौरान यह रॉकेट असफल हुआ था, जिसके बाद इसने कई सफल मिशनों को अंजाम दिया। यह विफलता ऐसे समय में हुई है जब चीन 2050 तक अंतरिक्ष विज्ञान में एक वैश्विक शक्ति बनने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
इनपुट: IANS



