वन विभाग कार्यालय पर हमला: नरेश मीणा के घर पुलिस की दबिश, किसान नेता ने किया 6 नवंबर को सरेंडर का ऐलान
राजस्थान के बारां जिले में नाहरगढ़ वन विभाग कार्यालय पर हुए कथित हमले के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। भगत सिंह सेना के प्रमुख और किसान नेता नरेश मीणा की तलाश में मंगलवार सुबह पुलिस…
राजस्थान के बारां जिले में नाहरगढ़ वन विभाग कार्यालय पर हुए कथित हमले के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। भगत सिंह सेना के प्रमुख और किसान नेता नरेश मीणा की तलाश में मंगलवार सुबह पुलिस ने उनके पैतृक आवास पर दबिश दी, हालांकि वे वहां नहीं मिले। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीच मीणा ने सोशल मीडिया के जरिए 6 नवंबर को खुद थाने में आत्मसमर्पण करने की घोषणा की है।
यह पूरा घटनाक्रम 1 नवंबर की एक घटना से जुड़ा है। वन विभाग की एक टीम ने झिरी टापरा में वन भूमि पर कथित अवैध ट्यूबवेल में इस्तेमाल हो रहे एक जनरेटर को जब्त कर लिया था। आरोप है कि इसके बाद नरेश मीणा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ नाहरगढ़ रेंज कार्यालय पहुंचे। वहां भीड़ ने कथित तौर पर वनकर्मियों से मारपीट की, उनकी वर्दी से नेमप्लेट और बैज फाड़ दिए और परिसर में आग लगाने की धमकी भी दी।
मामले में अब तक की कार्रवाई
बारां के एसपी अभिषेक अंदासु के निर्देश पर नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने मंगलवार तड़के करीब 5 बजे नयागांव स्थित मीणा के पैतृक घर पर छापा मारा, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस के अनुसार, इस मामले में चार अन्य आरोपियों को सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जिन्हें अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार लोगों की पहचान जितेंद्र नागर (36), देवेंद्र कुशवाहा (22), पप्पू भील (25) और मुरारी गुर्जर (20) के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़, कर्मचारियों को काम करने से रोकने और उन्हें धमकाने के आरोपों में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। आरोप है कि भीड़ ने जब्त किए गए जनरेटर को जबरन छुड़ा लिया और सरकारी दस्तावेजों को भी नुकसान पहुंचाया।
सोशल मीडिया पर सरेंडर की घोषणा
पुलिस की दबिश के बाद नरेश मीणा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने सुबह 5 बजे उनके घर आई थी। इसी पोस्ट में उन्होंने ऐलान किया कि वह 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने में आत्मसमर्पण करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य के मतदाताओं से पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के बजाय तीसरे मोर्चे के उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील भी की।
इनपुट: IANS



