जोधपुर: डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, जूनियर रेजिडेंट समेत 19 छात्र सस्पेंड
जोधपुर के प्रतिष्ठित डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जूनियर छात्रों से दुर्व्यवहार और उन्हें प्रताड़ित करने के…
जोधपुर के प्रतिष्ठित डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जूनियर छात्रों से दुर्व्यवहार और उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप में एक जूनियर रेजिडेंट सहित कुल 19 छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी द्वारा की गई जांच के बाद हुई है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित छात्रों ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को उनके सीनियर डरा-धमका और अपमानित कर रहे थे। यह विवाद 28 अक्टूबर को कॉलेज में आयोजित 'क्लीन कैंपस ड्राइव' के दौरान शुरू हुआ था।
क्या थे रैगिंग के आरोप?
जूनियर छात्रों ने आरोप लगाया कि 2025 बैच के सीनियर छात्र उन पर मनमाने नियम थोप रहे थे। इन नियमों में क्लीन-शेव रहना, एक विशेष तरह का हेयरस्टाइल रखना, लंबे समय तक खड़े रहना और केवल फॉर्मल कपड़े पहनना शामिल था। जांच में कॉलेज की कमेटी ने इन आरोपों को सही पाया और आरोपी छात्रों को गंभीर दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार और अनुचित दबाव बनाने का दोषी माना।
कॉलेज प्रशासन की सख्त कार्रवाई
प्रिंसिपल कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आरोपी छात्रों पर अलग-अलग अवधि के लिए निलंबन लगाया गया है। एक जूनियर रेजिडेंट समेत 5 छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित किया गया है, जबकि बाकी 14 छात्रों पर एक महीने का निलंबन लगाया गया है। अपनी निलंबन अवधि के दौरान, ये सभी छात्र किसी भी क्लिनिकल पोस्टिंग, शैक्षणिक गतिविधि या कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा, उनके कॉलेज हॉस्टल, लाइब्रेरी और रीडिंग रूम में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
यह घटना राजस्थान के बाड़मेर स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में हुई एक ऐसी ही कार्रवाई के तुरंत बाद सामने आई है। वहां भी जूनियर छात्रों को मानसिक रूप से परेशान करने और अश्लील व्हाट्सएप मैसेज भेजने के आरोप में 80 छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।
इनपुट: IANS



