तमिलनाडु: PMK संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने सक्रिय राजनीति छोड़ी, बेटे अंबुमणि को सौंपी कमान
तमिलनाडु की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी पट्टाली मक्कल काची (PMK) में नेतृत्व को लेकर महीनों से चल रही अनिश्चितता पर विराम लग गया है। पार्टी के संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने अपने 88वें जन्मदिन के अवसर पर…
तमिलनाडु की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी पट्टाली मक्कल काची (PMK) में नेतृत्व को लेकर महीनों से चल रही अनिश्चितता पर विराम लग गया है। पार्टी के संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने अपने 88वें जन्मदिन के अवसर पर सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पार्टी की पूरी राजनीतिक जिम्मेदारी अपने बेटे और पीएमके अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास को सौंप दी है।
यह ऐलान शनिवार को टिंडीवनम स्थित थाईयूर एस्टेट में आयोजित उनके जन्मदिन समारोह के दौरान किया गया। इस मौके पर अंबुमणि रामदास भी अपने पिता से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। पिता-पुत्र की यह सार्वजनिक उपस्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि हाल के महीनों में उनके बीच तनावपूर्ण संबंधों की खबरें लगातार आ रही थीं, जिससे पार्टी के भीतर भी मतभेद उभर आए थे।
नेतृत्व हस्तांतरण और मतभेदों का अंत
पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए डॉ. रामदास ने स्पष्ट किया कि वे अब राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “आज से मैं राजनीति पर बात नहीं करूंगा... अब से राजनीति की जिम्मेदारी अंबुमणि संभालेंगे। कृपया अब मुझे राजनीतिक मामलों से परेशान न करें।” उनके इस फैसले का पार्टी कार्यकर्ताओं ने तालियों से स्वागत किया।
इस घोषणा को पिता-पुत्र के बीच लंबे समय से चल रहे चर्चित मतभेदों को समाप्त करने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। IANS के अनुसार, पार्टी की संगठनात्मक संरचना, नेतृत्व शैली और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर दोनों के बीच सार्वजनिक असहमति देखने को मिली थी, जिससे पार्टी में गुटबाजी की स्थिति पैदा हो गई थी।
चार दशक लंबे राजनीतिक युग का अंत
डॉ. रामदास का यह फैसला तमिलनाडु की राजनीति में चार दशकों से अधिक के एक युग का प्रतीक है। उन्होंने PMK को राज्य में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित किया। उनके संन्यास के बाद, माना जा रहा है कि पार्टी में महीनों से चला आ रहा आंतरिक संघर्ष अब समाप्त हो जाएगा और युवा नेतृत्व के तहत पार्टी अपनी भविष्य की दिशा तय करेगी। विभिन्न दलों के नेताओं ने भी डॉ. रामदास को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया।
इनपुट: IANS



