फ्लाईदुबई विमान हादसा टालने वाले कैप्टन की PM मोदी ने की सराहना, कहा- 'आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और असाधारण बहादुरी की प्रशंसा की है। कैप्टन मच्छार ने उड़ान के दौरान अपने सह-पायलट के हमले के बावजूद विमान को एक बड़े…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और असाधारण बहादुरी की प्रशंसा की है। कैप्टन मच्छार ने उड़ान के दौरान अपने सह-पायलट के हमले के बावजूद विमान को एक बड़े हादसे से बचा लिया था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन मच्छार से बातचीत की, जो फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपना इलाज करा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर कैप्टन मच्छार ने उस संकटपूर्ण घड़ी में सही कदम नहीं उठाए होते, तो इसके परिणाम भयावह हो सकते थे। उन्होंने कहा, "आपने सबकी जान बचाई है। आपने बहुत बड़ा काम किया है।" प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस घटना से न केवल कई जानें बचीं, बल्कि भारतीय पायलटों की प्रतिष्ठा भी कायम रही। उन्होंने कहा, "अगर आप ऐसा न करते तो पता नहीं, पूरे देश और भारत के पायलटों पर क्या-क्या बीतती।"
साहस और भारतीय मूल्यों का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार के इस कार्य को भारतीयों के साहस और मूल्यों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं।" पीएम मोदी ने मच्छार से कहा, "आप स्वयं जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे। उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है।"
क्या हुआ था उस उड़ान में?
यह घटना दुबई से इज़राइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई थी, जिसमें लगभग 174 यात्री सवार थे। यात्रा के बीच में ही विमान के सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था। इज़राइली प्रधानमंत्री के एक बयान के मुताबिक, सह-पायलट विमान को क्रैश कराने का प्रयास कर रहा था।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छार ने हमलावर का डटकर मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया। इसके बाद कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों ने मिलकर हमलावर सह-पायलट को काबू में किया। विमान की सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने उस भयावह अनुभव को याद करते हुए बताया कि वे उस कठिन समय में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।
इनपुट: IANS



