बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का ऑपरेशन तेज़, खुजदार में हवाई और जमीनी हमलों में एक और नागरिक की मौत
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों की सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है, जिसके चलते नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को खुजदार जिले के वाध…
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों की सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है, जिसके चलते नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को खुजदार जिले के वाध क्षेत्र में हुई गोलाबारी में एक और व्यक्ति की जान चली गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बलूचिस्तान के कई हिस्सों में आम नागरिकों वाले इलाकों को निशाना बनाकर तेज सैन्य अभियान चलाए जा रहे हैं।
खुजदार जिले के ओरनाच स्थित सुरगढ़ क्षेत्र में पाकिस्तानी सैन्य हेलीकॉप्टरों द्वारा कई स्थानों पर हवाई हमले किए जाने की भी खबर है। स्थानीय मीडिया सूत्रों का हवाला देते हुए 'द बलूचिस्तान पोस्ट' ने बताया कि वाध, ओरनाच और जेहरी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से जमीनी और हवाई, दोनों तरह के ऑपरेशन चल रहे हैं। पूरे इलाके में हवाई निगरानी भी जारी है।
मानवाधिकार संगठनों ने उठाए गंभीर सवाल
इस बीच, मानवाधिकार संगठन बलूच नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। 'बलूच यकजेहती कमेटी' (BYC) के अनुसार, पंजगुर जिले के पारूम इलाके के एक 14 वर्षीय छात्र शहजाद को 25 जुलाई को कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित 'डेथ स्क्वाड' ने गैरकानूनी तरीके से मार डाला। संगठन ने बताया कि शहजाद को एक साल से अधिक समय तक गायब रखा गया था। BYC ने आरोप लगाया, "यह हत्या उन 'डेथ स्क्वाड' ने की जो पाकिस्तानी सेना के समर्थन से बिना किसी डर या रोक-टोक के काम करते हैं।"
संगठन ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपनी एजेंसियों और सरकार समर्थित समूहों के साथ मिलकर महिलाओं, बच्चों और बलूच समुदाय के हर व्यक्ति को निशाना बनाकर "अत्याचार की सारी हदें पार कर दी हैं।"
जबरन गुमशुदगी और विरोध प्रदर्शन
पिछले हफ्ते भी खुजदार में पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत कई अन्य घायल हो गए थे। खुजदार के वाध इलाके के ड्रखलाव-गस्लैती में 23 जुलाई को हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अब्दुल कादिर का शव रखकर हाईवे पर धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सेना ने आम नागरिकों के ठिकानों को निशाना बनाया।
एक अन्य घटना में, 'बलूच वॉयस फॉर जस्टिस' (BVJ) ने बताया कि छात्र एक्टिविस्ट यूनुस बलूच को 25 जुलाई को क्वेटा में उनके घर से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उठा लिया। तब से उनका परिवार से कोई संपर्क नहीं हो सका है और वे एक अज्ञात स्थान पर हैं। संगठन ने इस बात पर भी चिंता जताई कि उनके परिवार के एक 8 साल के बच्चे को 'फोर्थ शेड्यूल' में डाल दिया गया है, जो मौलिक अधिकारों के हनन का गंभीर मामला है।
इनपुट: IANS



