सोमवार, 27 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

बलूचिस्तान: चार और लोगों के 'जबरन गायब' होने का आरोप, मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तान से मांगा जवाब

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चार और लोगों के कथित तौर पर जबरन गायब किए जाने का मामला सामने आया है। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए इसके लिए पाकिस्तानी सुरक्षा…

बलूचिस्तान: चार और लोगों के 'जबरन गायब' होने का आरोप, मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तान से मांगा जवाब
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चार और लोगों के कथित तौर पर जबरन गायब किए जाने का मामला सामने आया है। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए इसके लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ने इन मामलों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।

विज्ञापन

संगठन ने मांग की है कि अधिकारी इन सभी लापता लोगों के बारे में तत्काल जानकारी दें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की भी अपील की है।

कौन हैं लापता हुए लोग?

संगठन द्वारा जारी विवरण के मुताबिक, हाल ही में गायब हुए लोगों में एक मजदूर और दो छात्र शामिल हैं। 24 जुलाई को ग्वादर के पल्लिरी इलाके से यासीन के बेटे आरिफ को कथित तौर पर गायब कर दिया गया। खबरों में इस मामले में पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) की भूमिका बताई गई है।

एक अन्य घटना में, बर्खान निवासी रफीक के बेटे अतीक खेतरान को 21 जुलाई को उनके घर से कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उठा लिया। इसके अलावा, 23 जुलाई को क्वेटा के बशीर चौक से 25 वर्षीय छात्र मीरान बलूच को तीसरी बार गायब किया गया। इस मामले में पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) की संलिप्तता का आरोप है।

पुराने मामले और लगातार उठती मांगें

मानवाधिकार विभाग ने एक पुराने मामले का भी जिक्र किया, जिसमें 18 वर्षीय छात्र नासिर बलूच को 27 मार्च की रात क्वेटा के सरियाब रोड से गायब कर दिया गया था। इसमें भी खुफिया एजेंसियों और CTD पर आरोप लगे थे।

बलूच नेशनल मूवमेंट ने अपने बयान में कहा, "जबरन गायब किया जाना किसी व्यक्ति की आजादी छीन लेता है और उसे कानून की सुरक्षा से बाहर कर देता है।" संगठन ने पाकिस्तान सरकार से इन लोगों को तुरंत रिहा करने या किसी सक्षम नागरिक अदालत में पेश करने की मांग की है। साथ ही, पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का पालन करने का आग्रह किया है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →