लाहौर: जन्मदिन का जश्न मातम में बदला, तीन मंजिला इमारत ढहने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत
पाकिस्तान के लाहौर में बुधवार रात एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के कई लोगों की जान चली गई। शहर के हरबंसपुरा इलाके में एक तीन मंजिला रिहायशी इमारत अचानक ढह गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और छह…
पाकिस्तान के लाहौर में बुधवार रात एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के कई लोगों की जान चली गई। शहर के हरबंसपुरा इलाके में एक तीन मंजिला रिहायशी इमारत अचानक ढह गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब परिवार के लोग जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे।
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के प्रवक्ता हैरिस अली ने बताया कि इस इमारत में तीन भाई अपने-अपने परिवारों के साथ रहते थे। बुधवार को उनकी बहन भी अपने बच्चों के साथ जन्मदिन के जश्न में शामिल होने आई थी, तभी यह इमारत ढह गई। अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि इसके गिरने के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही बचावकर्मी मौके पर पहुंच गए और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया। डॉन अखबार के अनुसार, स्थानीय लोगों ने बताया है कि एक छोटी बच्ची के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। डिप्टी कमिश्नर, रिटायर्ड कैप्टन मुहम्मद अली एजाज ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
एक महीने में दूसरा बड़ा हादसा
यह लाहौर में एक महीने के भीतर हुआ दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले 30 जून को काहना इलाके में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। उस घटना में मलबे के नीचे करीब 20 लोग दब गए थे।
इमारतों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान के मानवाधिकार परिषद (एचआरसी) ने रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों की निर्माण गुणवत्ता की जांच में लापरवाही पर गंभीर चिंता जताई है। एचआरसी ने कहा, "मासूम बच्चों की सुरक्षा और उनके लिए सुरक्षित शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराना राज्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।" परिषद ने सरकार से इन मामलों की पारदर्शी जांच कराने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
इनपुट: IANS



