PoK: विरोध प्रदर्शन पर हिंसक कार्रवाई, 20 लोगों की मौत, दर्जनों घायल
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में हो रहे एक विरोध मार्च पर पाकिस्तानी अधिकारियों की हिंसक कार्रवाई में कम से…
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में हो रहे एक विरोध मार्च पर पाकिस्तानी अधिकारियों की हिंसक कार्रवाई में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
यह घटना उस समय हुई जब JAAC और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच बातचीत विफल हो गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने 'लॉन्ग मार्च' का आह्वान किया। यह मार्च रविवार को मीरपुर डिवीजन से शुरू हुआ और सोमवार को मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ने से पहले रावलकोट में इकट्ठा हुआ।
प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप
यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने मंगलवार को PoK में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन ने रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सोमवार शाम रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर घातक हथियारों, भारी गोलाबारी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। UKPNP ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
JAAC ने की 20 मौतों की पुष्टि
खुद प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। कमेटी के अनुसार, "लॉन्ग मार्च का कारवां रावलकोट शहर पहुंच गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, 19 मृतकों की पहचान की पुष्टि हो गई है, जबकि एक व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। इस तरह, कुल मौतों की संख्या कम से कम 20 हो गई है।" JAAC ने यह भी बताया कि प्रदर्शनकारी रावलकोट के चांदनी चौक पर जमा हैं और आगे की रणनीति की घोषणा शहीद चौक पर एक सभा में की जाएगी।
भारत ने की थी पाकिस्तान की आलोचना
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भी भारत ने PoK में प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि पाकिस्तान अपनी गलतियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने के लिए फर्जी खबरें फैला रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
इनपुट: IANS



