मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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जम्मू-कश्मीर: राजौरी और पुंछ में बाढ़ का कहर, 20 से ज़्यादा लोगों की मौत, बड़े पैमाने पर तबाही

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ ज़िलों में बादल फटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 20 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई और कई अन्य लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…

जम्मू-कश्मीर: राजौरी और पुंछ में बाढ़ का कहर, 20 से ज़्यादा लोगों की मौत, बड़े पैमाने पर तबाही
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ ज़िलों में बादल फटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 20 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई और कई अन्य लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार तड़के हुई इस घटना के बाद सोमवार को तबाही का पूरा मंजर सामने आया, जिसमें दर्जनों घर, दुकानें और गाड़ियां सैलाब में बह गईं।

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बाढ़ का सबसे ज़्यादा असर पुंछ के सुरनकोट और राजौरी के थन्नामंडी व दरहाल इलाकों में देखने को मिला। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सुरनकोट में अचानक आई बाढ़ में 15 लोग या तो बह गए या मलबे में दब गए। शाम तक सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से आठ शव बरामद कर लिए थे, जबकि आठ अन्य की तलाश जारी थी। इस इलाके में एक ही परिवार के आठ सदस्य लापता हो गए, जिनमें से तीन के शव मिल चुके हैं।

बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान

पुंछ और राजौरी में बाढ़ ने जान-माल को भारी नुक़सान पहुँचाया है। पुंछ में जहाँ नाजिया कौसर नामक महिला की घर ढहने से मौत हो गई, वहीं राजौरी में पिंकी देवी नाम की एक महिला बाढ़ में बह गई। इसके अलावा, जल शक्ति विभाग का एक दिहाड़ी मजदूर भी लापता बताया जा रहा है। बाढ़ के पानी में दर्जनों मवेशी भी बह गए, जिससे ग्रामीणों की आजीविका पर संकट आ गया है।

बुनियादी ढांचे को भी ব্যাপক क्षति पहुँची है। राजौरी में करीब 20 गाड़ियां पानी में बह गईं और 40 अन्य क्षतिग्रस्त हो गईं। पुंछ में कम से कम 47 घर और इमारतें, जबकि राजौरी में 20 दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बाढ़ की चपेट में आ गए। बिजली के कई खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है।

बचाव और राहत कार्य जारी

घटना के तुरंत बाद सेना, एसडीआरएफ, पुलिस और नागरिक प्रशासन की टीमों ने बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया। विभिन्न स्थानों से लगभग 45 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति का जायज़ा लिया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं और अधिकारियों से जानकारी ले रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि लापता लोगों की तलाश जारी है और नुक़सान का आकलन किया जा रहा है। इस बीच, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश और अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते नदी और नालों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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