सोमवार, 20 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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मानसून सत्र: राम मंदिर चंदा, NEET पेपर लीक और महंगाई पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार को विपक्ष की ओर से तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी…

मानसून सत्र: राम मंदिर चंदा, NEET पेपर लीक और महंगाई पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
(फोटो: IANS)

संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार को विपक्ष की ओर से तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, NEET-UG पेपर लीक और महंगाई जैसे अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष ने इन विषयों पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की है।

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विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद अपनी रणनीति साफ की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पत्रकारों से कहा, "मेरा मानना ​​है कि आज देश के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं, जो सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बिलों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। विपक्ष लगातार मांग करता रहा है कि संसद में इन मुद्दों पर चर्चा हो और सरकार इनका जवाब दे।"

विपक्ष के प्रमुख मुद्दे

विपक्षी दलों की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों में छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले सबसे ऊपर हैं। राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी का मामला भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी है। इस विषय पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र भी लिख चुके हैं।

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने IANS से कहा, "हम निश्चित रूप से कई मुद्दे उठाएंगे। इनमें छात्रों से जुड़े मुद्दे, राम मंदिर में चोरी और बढ़ती महंगाई जैसे मामले शामिल हैं। सरकार लोगों की चिंताओं को न तो देखती है और न ही सुनती है।" उन्होंने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और इथेनॉल नीति पर भी सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी राम मंदिर चंदे में कथित धोखाधड़ी को "सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला विश्वासघात" बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी NEET-UG पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में भर्ती कराने जैसे मामले भी सदन में उठाएगी।

दलबदल और लोकतंत्र पर चिंता

विपक्ष का एक और महत्वपूर्ण मुद्दा हाल में हुए दलबदल का है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि वे इस ओर केंद्र का ध्यान आकर्षित करेंगे। उन्होंने IANS से कहा, "मूल मुद्दा यह है कि 2024 में लोगों द्वारा दिया गया जनादेश और लोकसभा की वर्तमान संरचना बहुत अलग है। इसलिए संसद को सबसे पहले बड़े पैमाने पर हो रहे दलबदल के मुद्दे पर विचार करना चाहिए।" उन्होंने इस दलबदल को वैचारिक मतभेद के बजाय "केवल अवसरवाद" पर आधारित बताया।

सीपीआई-एम नेता हन्नान मोल्लाह ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए इसे 'भ्रष्टाचार, घोटालों, लोकतंत्र-विरोधी गतिविधियों और लुटेरों' की सरकार बताया। उन्होंने राम मंदिर समेत अन्य मंदिरों से पैसे लूटे जाने के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इन सभी मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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