NEET प्रदर्शन: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा, विपक्षी सांसदों ने दिया स्थगन प्रस्ताव
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस और…
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस और डीएमके समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की है।
सांसदों ने अपने नोटिस में आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, मणिकम टैगोर, हिबी ईडन और विजय वसंत ने लोकसभा में नोटिस देकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर बहस कराने की मांग की। इसी तरह, राज्यसभा में कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन ने नियम 267 के तहत नोटिस दिया।
क्या हैं आरोप और मांगें?
विपक्षी सांसदों के नोटिस में दावा किया गया है कि जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों ने छात्रों के खिलाफ पेलेट गन और शॉक बैटन जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल किया। इसके चलते कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए और कुछ की आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा है। द्रमुक सांसद टीआर बालू ने भी लोकसभा में नोटिस देकर नीट पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और छात्रों के खिलाफ घातक हथियारों के इस्तेमाल की जांच की मांग की है।
पृष्ठभूमि: क्यों हुआ था प्रदर्शन?
यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित 'संसद चलो' मार्च का हिस्सा था, जिसमें सैकड़ों छात्र शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में से एक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी था, जिन्होंने बाद में 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 20 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई थी और हिंसा भड़क उठी थी, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। इस घटना में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इस बीच, केंद्र सरकार सोमवार को ही संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक के खिलाफ कानूनी ढांचे को और सख्त बनाना है।
इनपुट: IANS



