PoK चुनाव: हिंसा, धांधली के आरोप और एक कार्यकर्ता की हत्या ने मतदान प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय चुनावों का पहला चरण हिंसक झड़पों, चुनावी कदाचार के आरोपों और एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की घटनाओं से प्रभावित रहा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय चुनावों का पहला चरण हिंसक झड़पों, चुनावी कदाचार के आरोपों और एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की घटनाओं से प्रभावित रहा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान संघीय सरकार में गठबंधन सहयोगी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) ने एक-दूसरे पर चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए।
सोमवार को हुए मतदान के दौरान कोटली जिले के नक्याल में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। पीपीपी ने आरोप लगाया है कि मृतक उनका 35 वर्षीय कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस था, जिसकी हत्या पीएमएल-एन समर्थकों द्वारा की गई गोलीबारी में हुई। पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा, "पीएमएल-एन उम्मीदवारों की ओर से हुई गोलीबारी में हमारे पार्टी कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।"
आरोप-प्रत्यारोप और आधिकारिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-जरदारी ने हत्या पर दुख जताते हुए अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, "संबंधित अधिकारी कहां हैं? चुनाव आयोग क्या कर रहा है?" 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंध के स्थानीय सरकार मंत्री सईद घानी ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएमएल-एन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
दूसरी ओर, एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि पीओके में चुनाव प्रक्रिया महज एक दिखावा है, क्योंकि नतीजे पहले से ही पाकिस्तानी सेना द्वारा तय कर लिए जाते हैं। अधिकारी के अनुसार, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में सेना यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है कि पाकिस्तान सरकार पीओके के लोगों की मांगों के आगे न झुके और राजनीतिक माहौल पर पूरा नियंत्रण बनाए रखे।
चुनाव का पहला चरण
पीओके में चुनाव के पहले चरण में भीमबर, मीरपुर और कोटली जिलों की 13 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ। इन सीटों पर लगभग 300 उम्मीदवार मैदान में थे और 14 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता थे। पीएमएल-एन, पीपीपी और इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (आईपीपी) चुनाव में हिस्सा लेने वाली प्रमुख पार्टियां हैं। स्थानीय सरकार ने मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित कर लोगों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की थी।
इनपुट: IANS



