ओडिशा में बाढ़: राहत और बचाव के लिए कई सरकारी विभागों ने कसी कमर, हर स्थिति पर पैनी नज़र
ओडिशा के कई जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं, जिसके कारण राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी ला दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने, सड़क संपर्क फिर से…
ओडिशा के कई जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं, जिसके कारण राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी ला दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने, सड़क संपर्क फिर से स्थापित करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए विभिन्न विभाग मिलकर ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
राज्य के आवास एवं शहरी विकास विभाग ने उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक और जाजपुर जैसे जिलों में भारी बारिश से उत्पन्न बाढ़ और जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन उपाय तेज़ कर दिए हैं। विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता शहरी क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, रुके हुए पानी की तेज़ी से निकासी करना और राहत अभियान चलाना है।
प्रशासनिक तैयारी और ज़मीनी कार्रवाई
आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और वे चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ प्रबंधन में जुटे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा, एक विभागीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) 24 घंटे काम कर रहा है ताकि स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा सके और ज़रूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुँचाई जा सके।
इसी तरह, जल संसाधन विभाग ने भी अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ज़मीनी स्तर पर सक्रिय कर दिया है। गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में विभाग ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। वरिष्ठ फील्ड इंजीनियर नदी के तटबंधों और बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।
तकनीकी टीमें और बचाव कार्य
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कटक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और पुरी जिलों में माइनर इरिगेशन, मेगा लिफ्ट इरिगेशन और सर्वे विंग के फील्ड इंजीनियरों को पूरी तरह तैयार रखा गया है। हाल ही में, ब्राह्मणी और बैतरणी बेसिन सिस्टम के मुख्य अभियंता ने आली ब्लॉक में खारसुआन नदी के एक ओवरफ्लो हिस्से का निरीक्षण किया। विभाग ने जानकारी दी कि रेत की बोरियों की मदद से उस हिस्से को सफलतापूर्वक बंद कर दिया गया है, जिससे पानी का बहाव रुक गया है।
इनपुट: IANS



