ओपनएआई के विशाल AI डेटा सेंटर के लिए एनवीडिया दे सकती है $250 अरब की गारंटी, बातचीत जारी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बहुत बड़ी साझेदारी की तैयारी चल रही है। चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी एनवीडिया, चैटजीपीटी बनाने वाली ओपनएआई के एक विशाल डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए लगभग 250…
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बहुत बड़ी साझेदारी की तैयारी चल रही है। चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी एनवीडिया, चैटजीपीटी बनाने वाली ओपनएआई के एक विशाल डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए लगभग 250 अरब डॉलर की वित्तीय गारंटी देने पर बातचीत कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रोजेक्ट अमेरिका के दक्षिणी ओहायो में स्थापित किया जाना है और इसकी कुल लागत 500 अरब डॉलर से भी ज़्यादा हो सकती है।
इस गारंटी से ओपनएआई को सॉफ्टबैंक की ऊर्जा इकाई द्वारा विकसित किए जा रहे 10 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर को लीज पर लेने में मदद मिलेगी। एनवीडिया की प्रस्तावित 250 अरब डॉलर की गारंटी में डेटा सेंटर की लीज और कर्ज की फाइनेंसिंग शामिल होगी, लेकिन इसमें चिप्स की लागत नहीं जुड़ी है।
प्रोजेक्ट का दायरा और लागत
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 500 अरब डॉलर से अधिक है, जिसमें इस विशाल डेटा सेंटर को चलाने के लिए ज़रूरी एनवीडिया के AI चिप्स की कीमत भी शामिल है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, एनवीडिया इस प्रोजेक्ट के लिए ओपनएआई द्वारा 350 अरब डॉलर तक के AI चिप्स खरीदने की फाइनेंसिंग पर भी अलग से चर्चा कर रही है। यह व्यवस्था ऋणदाताओं का भरोसा बढ़ाने और प्रोजेक्ट की फंडिंग को सुरक्षित करने वाले निवेश ढांचों को भी मज़बूती देगी।
कंपनियों के लिए इसके मायने
यह समझौता ओपनएआई के लिए अपना खुद का AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और उस पर नियंत्रण हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे कंपनी की माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और ओरेकल जैसे बड़े क्लाउड सेवा प्रदाताओं पर निर्भरता कम हो जाएगी। वहीं, एनवीडिया के लिए यह सौदा उसके AI चिप्स की लंबी अवधि की मांग सुनिश्चित करेगा, जिनका इस्तेमाल बड़े AI मॉडल्स को प्रशिक्षित करने और चलाने में होता है।
प्रोजेक्ट की समय-सीमा और अन्य पहलू
ओहायो में बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का पहला चरण 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे करीब 800 मेगावाट बिजली क्षमता उपलब्ध होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए बिजली की आपूर्ति का नियंत्रण अमेरिकी सरकार के पास रहेगा, जबकि इसकी फंडिंग जापान द्वारा की जाएगी। यह हाल में हुए एक व्यापार समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत जापान ने 33 अरब डॉलर के प्राकृतिक गैस संयंत्र में निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
इनपुट: IANS



