राजस्थान: 300 से ज़्यादा शहरी निकायों में चुनावी हलचल शुरू, 10,245 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया आरंभ
राजस्थान के शहरी इलाकों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के 309 शहरी स्थानीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए गुरुवार से नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS…
राजस्थान के शहरी इलाकों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के 309 शहरी स्थानीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए गुरुवार से नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पहला मौका है जब स्थानीय निकाय चुनाव ‘एक राज्य, एक चुनाव’ की अवधारणा के तहत आयोजित किए जा रहे हैं।
हालांकि नामांकन की आधिकारिक अवधि 27 अगस्त से 31 अगस्त तक है, लेकिन उम्मीदवारों के पास पर्चा दाखिल करने के लिए सिर्फ तीन दिन ही होंगे। दरअसल, 28 अगस्त को रक्षा बंधन और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के कारण उम्मीदवार केवल 27, 29 और 31 अगस्त को ही अपने कागजात जमा कर सकेंगे।
टिकटों के लिए BJP-कांग्रेस में मंथन जारी
राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक दलों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप नहीं दिया है। उम्मीद है कि दोनों पार्टियां 28 या 29 अगस्त को अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती हैं। इस देरी के चलते, शुरुआती दिनों में निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की संभावना अधिक है। खबरों के मुताबिक, पार्षद पद के लिए दोनों बड़ी पार्टियों से हजारों की संख्या में दावेदारों ने टिकट की मांग की है।
टिकट पाने की होड़ में बड़ी संख्या में उम्मीदवार और उनके समर्थक जयपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालयों पर जुट रहे हैं। वे वरिष्ठ नेताओं से मिलकर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जबकि पार्टियां उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और जीत की संभावनाओं का आकलन कर रही हैं। इस भीड़ के कारण जयपुर के होटलों में भी मांग बढ़ गई है।
चुनाव आयोग की व्यवस्था और बदलाव
इस बार के स्थानीय निकाय चुनावों में, राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने घर से मतदान की सुविधा नहीं दी है, जैसी सुविधा भारत के चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों के दौरान बुजुर्गों और अन्य पात्र मतदाताओं के लिए प्रदान की थी। इसका मतलब है कि बुजुर्गों और बीमार मतदाताओं सहित सभी को वोट डालने के लिए मतदान केंद्र तक जाना होगा।
त्योहारों को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग ने कुछ निकायों में मतदान की तारीखों में भी बदलाव किया है। पाली नगर निगम में पर्युषण महापर्व के कारण मतदान अब 9 सितंबर के बजाय 11 सितंबर को होगा। वहीं, सीकर की फतेहपुर नगर परिषद और बीकानेर नगर निगम में मतदान की तारीख 11 सितंबर से बदलकर 9 सितंबर कर दी गई है।
इनपुट: IANS



