अपराधी अर्जुन अयंकी को 'देखते ही गोली मारने' का आदेश नहीं: केरल सरकार ने अटकलों पर लगाया विराम
केरल सरकार ने फरार चल रहे अपराधी अर्जुन अयंकी के खिलाफ 'शूट-एट-साइट' (देखते ही गोली मारने) का आदेश जारी किए जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के गृह मंत्री रमेश…
केरल सरकार ने फरार चल रहे अपराधी अर्जुन अयंकी के खिलाफ 'शूट-एट-साइट' (देखते ही गोली मारने) का आदेश जारी किए जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शनिवार को स्पष्ट किया कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर ही अयंकी को गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी।
चेन्निथला ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की हर कार्रवाई न्यायिक समीक्षा के अधीन होती है। उन्होंने कहा, "पुलिस की कार्रवाई न्यायिक जांच के दायरे में आती है, इसलिए जो कुछ भी किया जाएगा, वह कानून के शासन के अनुसार ही होगा। पुलिस का एक प्रोटोकॉल है और वे उसी के अनुसार काम करेंगे।"
राज्य भर में तेज हुई तलाश
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब केरल पुलिस ने अयंकी की तलाश पूरे राज्य में तेज कर दी है। विभिन्न जिलों और अंतर-राज्यीय सीमाओं पर सघन तलाशी अभियान के बावजूद वह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि अयंकी केरल छोड़कर भाग चुका है, क्योंकि उसे आखिरी बार कोच्चि के पलियक्कारा टोल प्लाजा से गुजरते हुए देखा गया था।
पुलिस अब अयंकी पर दबाव बढ़ाने के लिए उसके करीबियों पर भी शिकंजा कस रही है। उसके भाई और एक अन्य साथी पहले से ही एर्नाकुलम पुलिस की हिरासत में हैं। शनिवार को तिरुवनंतपुरम में उसके पांच और सहयोगियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय, पुलिस को चुनौती
फरार होने के बावजूद अयंकी सोशल मीडिया के जरिए लगातार पुलिस का मजाक उड़ा रहा है, जिससे जांचकर्ता हैरान हैं। अपनी एक हालिया पोस्ट में उसने लिखा कि सिस्टम ने उसे ऐसा बनाया है और अगर घुटने के नीचे गोली भी मारी जाए, तो भी वह घुटने नहीं टेकेगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई संगठित गिरोह फरारी के दौरान उसकी मदद कर रहा है।
अर्जुन अयंकी पर केरल के विभिन्न थानों में 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एक पुलिस अधिकारी को धमकी देने के मामले में वांछित है। उच्च न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसने पुलिस को उसे गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी। अब उसके पास जमानत के लिए केवल सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प बचा है।
इनपुट: IANS



