शनिवार, 8 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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अरुणाचल प्रदेश: सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी, ULFA-I के चार कैडरों ने हथियार डाले

पूर्वोत्तर में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में सुरक्षा बलों को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट…

अरुणाचल प्रदेश: सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी, ULFA-I के चार कैडरों ने हथियार डाले
(फोटो: IANS)

पूर्वोत्तर में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में सुरक्षा बलों को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (ULFA-I) के चार कट्टर कैडरों ने असम राइफल्स के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कैडरों ने अपने हथियार और गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों को सौंप दिए।

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रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह आत्मसमर्पण एक सुनियोजित ऑपरेशन का नतीजा था, जिसे लोंगडिंग जिले के चुपखाओ ट्रैक पर खुफिया जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी रखने और सटीक योजना बनाने के बाद इन विद्रोहियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए मनाया गया। इस घटना को क्षेत्र में विद्रोही संगठन की ऑपरेशनल क्षमताओं के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

हथियारों की बरामदगी और ऑपरेशन का महत्व

आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने सुरक्षा बलों को चार हथियार, गोला-बारूद और युद्ध से जुड़ी अन्य सामग्री सौंपी। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, यह सफल ऑपरेशन इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाके में सुरक्षा बलों के आतंकवाद-विरोधी प्रयासों की प्रभावशीलता को साबित करता है। अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि भारतीय सशस्त्र बल पूर्वोत्तर में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और यह आत्मसमर्पण विद्रोहियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

असम में भी ULFA-I पर बड़ी कार्रवाई

इसी बीच, असम के तिनसुकिया जिले में भी एक अलग खुफिया ऑपरेशन में ULFA-I के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने दावा किया कि ये दोनों आम नागरिकों पर हमला करने की योजना बना रहे थे। असम पुलिस ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जागुन में यह संयुक्त अभियान चलाया।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पानीटोला निवासी हुमेनज्योति बरुआ (27) और बाघजान निवासी पापू मोरन (30) के रूप में हुई है, जो संगठन के स्वयंभू सेकंड लेफ्टिनेंट बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि वे म्यांमार से अरुणाचल प्रदेश के जयरामपुर के रास्ते असम में दाखिल हुए थे।

सुरक्षा बलों ने उनके पास से दो एके-56 असॉल्ट राइफलें, 172 कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड, मेडिकल किट और युद्ध में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें तिनसुकिया शहर में नागरिकों पर हमला कर दहशत फैलाने का काम सौंपा गया था।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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