झारखंड: छात्र आंदोलन पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की हेमंत सरकार को नसीहत, 'युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न हो'
झारखंड में लगभग 15 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता…
झारखंड में लगभग 15 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
गिरिडीह में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों के धैर्य की सराहना की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने कहा कि छात्र बारिश और तेज गर्मी के बावजूद शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और कुछ तो भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और छात्रों की बात सुननी चाहिए जो अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
भर्ती परीक्षाओं पर गंभीर सवाल
अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन परीक्षाओं को लेकर युवाओं में गहरा असंतोष है। मंत्री ने कहा कि सीटें बेचे जाने जैसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, जबकि योग्य उम्मीदवारों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है।
उन्होंने गरीब परिवारों की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा, 'गरीब मजदूर और किसान अपनी जरूरतों में कटौती करके बच्चों को पढ़ने के लिए गिरिडीह, हजारीबाग और रांची जैसे शहरों में भेजते हैं।' उन्होंने इसे घोर अन्याय बताया कि ऐसे छात्रों को भर्ती प्रक्रियाओं में उचित अवसर न मिलें।
राज्य के विकास पर चिंता
विश्व आदिवासी दिवस का उल्लेख करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड के समग्र विकास पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के लगभग 24 साल बाद भी अपेक्षित विकास नहीं दिख रहा है। उन्होंने बताया कि मौजूदा छात्र आंदोलन में आदिवासी समुदाय समेत समाज के सभी वर्गों के युवा शामिल हैं, जो अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। मंत्री ने राज्य सरकार को एक स्पष्ट विकास रोडमैप तैयार कर बेहतर तरीके से काम करने की सलाह दी।
इनपुट: IANS



