सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर सियासी घमासान, सपा-कांग्रेस के दौरे को डिप्टी सीएम ने बताया 'तुष्टिकरण'
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी एक मस्जिद को गिराए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडलों ने सहारनपुर…
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी एक मस्जिद को गिराए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडलों ने सहारनपुर का दौरा किया, जिसे लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पाठक ने इन दलों पर 'तुष्टिकरण की राजनीति' करने का आरोप लगाया है।
पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा, “इसका कोई मतलब नहीं है। वे तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी और राज्य आगे बढ़ता रहेगा।"
प्रशासन की कार्रवाई और विपक्ष के आरोप
यह पूरा मामला शनिवार को प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर बनी एक मस्जिद को गिराने से जुड़ा है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश के बाद की गई। वहीं, समाजवादी पार्टी ने प्रशासन की इस कार्रवाई को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “सहारनपुर में एक बहुत पुरानी मस्जिद गिरा दी गई। इस बारे में अधिकारी ने कहा कि कि ऐसा कुछ नहीं होगा।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले को अदालत में ठीक से नहीं संभाला गया और लोगों को निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। प्रसाद ने कहा, "यह कार्रवाई जल्दबाजी में की गई, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।" उन्होंने इसे 2027 के चुनावों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार महंगाई और किसान जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है।
घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था
विवाद की शुरुआत पिछले महीने हुई थी, जब सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध घोषित कर गिराने का आदेश दिया था। मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश को जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी, जिसने शुरू में ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी थी। हालांकि, शुक्रवार को अदालत ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद शनिवार को प्रशासन ने बुलडोजर से मस्जिद गिरा दी।
कार्रवाई के दौरान और बाद में इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई। मौके पर एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट के साथ-साथ पीएसी (PAC) और रैपिड रिएक्शन फोर्स (RRF) के जवान भी तैनात थे। सपा सांसद इकरा हसन को शनिवार सुबह सहारनपुर जाने से पहले ही नजरबंद कर दिया गया था।
इनपुट: IANS



