आतंकियों की मदद का आरोपी पूर्व DSP देवेंद्र सिंह: जमानत नहीं, पिता के अंतिम संस्कार के लिए 5 दिन की पैरोल मिली
जम्मू-कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को ले जाने के आरोप में गिरफ्तार बर्खास्त पुलिस उपाधीक्षक (DSP) देवेंद्र सिंह को एक विशेष अदालत से झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
जम्मू-कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को ले जाने के आरोप में गिरफ्तार बर्खास्त पुलिस उपाधीक्षक (DSP) देवेंद्र सिंह को एक विशेष अदालत से झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने सिंह की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, अदालत ने मानवीय आधार पर एक बड़ा फैसला देते हुए उन्हें अपने पिता के निधन के बाद की रस्मों में शामिल होने के लिए पांच दिन की कस्टडी पैरोल की इजाजत दी है।
देवेंद्र सिंह जनवरी 2020 से जम्मू की कोट भलवाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनके पिता दीदार सिंह का 17 जुलाई को श्रीनगर में निधन हो गया था। इसी के चलते सिंह ने अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक रस्मों में शामिल होने के लिए 20 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी।
क्यों खारिज हुई जमानत याचिका?
स्पेशल जज प्रेम सागर ने 21 जुलाई के अपने आदेश में कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अंतरिम जमानत पर विचार नहीं किया जा सकता, क्योंकि देवेंद्र सिंह पहले ही अपनी नियमित जमानत खारिज होने के खिलाफ अपील दायर कर चुके हैं। NIA ने भी इस याचिका का कड़ा विरोध किया था। एजेंसी ने IPC, UAPA, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत गंभीर अपराधों का हवाला देते हुए कहा कि सिंह को रिहा करने से गवाहों के साथ छेड़छाड़ का खतरा हो सकता है। हालांकि, एजेंसी ने कहा कि उसे कड़ी पुलिस सुरक्षा में कस्टडी पैरोल दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
पैरोल की शर्तें
अदालत ने मानवीय आधार पर फैसला सुनाते हुए देवेंद्र सिंह को 27 से 30 जुलाई के बीच श्रीनगर स्थित उनके घर पर 'अखंड पाठ' और अन्य रस्मों में शामिल होने की अनुमति दी। आदेश के मुताबिक, इस दौरान वह पुलिस हिरासत में रहेंगे। उन्हें हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच कार्यक्रम स्थल पर ले जाया जाएगा और 31 जुलाई को वापस जेल लाया जाएगा।
क्या है देवेंद्र सिंह पर आरोप?
देवेंद्र सिंह को जनवरी 2020 में अनंतनाग के एक चेकपॉइंट पर तब गिरफ्तार किया गया था, जब वह हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को अपनी गाड़ी में ले जा रहे थे। इनमें संगठन का स्वयंभू कमांडर सैयद नवीद मुश्ताक भी शामिल था। इस मामले में NIA ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद 2021 में उन्हें पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
इनपुट: IANS



