UN में नेतन्याहू का ईरान पर हमलों का बचाव, 'नरसंहार' के आरोपों को बताया 'सदी का सबसे बड़ा झूठ'
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर की गई बमबारी का पुरजोर बचाव किया और गाजा में 'नरसंहार' के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इन आरोपों को…
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर की गई बमबारी का पुरजोर बचाव किया और गाजा में 'नरसंहार' के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इन आरोपों को 'इस सदी का सबसे बड़ा झूठ' करार दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने अपने संबोधन में इजरायल को एक ऐसे देश के रूप में प्रस्तुत किया जो सात मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है।
नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने मिलकर कार्रवाई की थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई समेत कई अन्य नेता मारे गए थे। उन्होंने कहा, "अगर हमने ऐसा नहीं किया होता, तो हम सभी मारे गए होते।" उन्होंने इस कार्रवाई को न केवल आत्मरक्षा, बल्कि 'सभ्यता को बचाने' के लिए भी जरूरी बताया। अपने भाषण में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सराहना करते हुए कहा, "इस लड़ाई में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बड़ा हमारा कोई साझेदार नहीं रहा।"
गाजा में नरसंहार के आरोपों पर पलटवार
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास द्वारा इजरायल पर गाजा में 'नरसंहार वाला युद्ध' चलाने का आरोप लगाने के जवाब में नेतन्याहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इजरायल वाकई नरसंहार कर रहा होता तो क्या वह विरोधी पक्ष की आबादी को 10 लाख पोलियो वैक्सीन देता या गाजा में 20 लाख टन भोजन वितरित करने की अनुमति देता। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की जवाबी कार्रवाई में 70,000 लोगों के मारे जाने की बात कही गई है।
कई देशों के प्रतिनिधियों ने किया वॉकआउट
जब नेतन्याहू भाषण देने मंच पर आए, तो कई देशों के प्रतिनिधि विरोध स्वरूप हॉल से बाहर चले गए। इस पर नेतन्याहू ने उन्हें 'कायर' कहा। वहीं, उनके समर्थकों ने हिब्रू में 'एम इजरायल चाई' के नारे लगाए, जिसका अर्थ है 'इजरायल की कौम जिंदा है।' उन्होंने अपने भाषण में तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान को 'तानाशाह' बताया और पश्चिमी देशों के नेताओं पर 'यहूदी-विरोधी भीड़ के सामने झुकने' का आरोप लगाया।
नेतन्याहू ने इजरायल के खिलाफ लड़ रहे सात मोर्चों का जिक्र किया, जिनमें हमास, हिज्बुल्लाह, हूती, ईरान, इराक व सीरिया के हथियारबंद गुट और वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी लड़ाके शामिल हैं। उन्होंने कहा, "वे सभी हमें धरती से मिटाने के लिए हमारे खिलाफ एकजुट हुए। वे नाकाम रहे।"
इनपुट: IANS



