रविवार, 4 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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नेपाल में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश का प्रस्ताव, संसद में विधेयक पेश

नेपाल में महिला सरकारी कर्मचारियों को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने 'सिविल सर्विस एक्ट 1992' में संशोधन के लिए एक…

नेपाल में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश का प्रस्ताव, संसद में विधेयक पेश
(फोटो: IANS)

नेपाल में महिला सरकारी कर्मचारियों को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सरकार ने 'सिविल सर्विस एक्ट 1992' में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया है, जिसमें महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश (menstrual leave) का प्रावधान शामिल है। इस विधेयक को इसी सप्ताह संघीय संसद सचिवालय में दर्ज कराया गया है।

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अगर यह विधेयक संसद से पारित होकर कानून बन जाता है, तो नेपाल उन कुछ चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहाँ महिला सरकारी कर्मचारियों को इस तरह की छुट्टी की सुविधा मिलती है। वर्तमान में, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों में मासिक धर्म अवकाश का प्रावधान है, लेकिन दुनिया के अधिकांश देशों में ऐसी कोई अलग व्यवस्था नहीं है।

विधेयक के प्रमुख प्रावधान

प्रस्तावित कानून में महिला कर्मचारियों के लिए मौजूदा छुट्टियों के अलावा कई नए अवकाशों का प्रस्ताव है। सामान्य तौर पर मिलने वाली कैजुअल लीव, होम लीव, सिक लीव, स्टडी लीव और असाधारण छुट्टियों के अतिरिक्त, विधेयक में विशेष रूप से मासिक धर्म अवकाश, मैटरनिटी लीव, बच्चे के जन्म से जुड़ी छुट्टी और मैटरनिटी केयर लीव को शामिल करने की बात कही गई है। हालांकि, विधेयक में अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मासिक धर्म की छुट्टी हर महीने कितने दिनों की होगी और इसकी शर्तें क्या होंगी।

भारत में क्या है स्थिति

पड़ोसी देश भारत में केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत मासिक धर्म के लिए अलग से छुट्टी का कोई प्रावधान नहीं है। मार्च 2024 में, सुप्रीम कोर्ट ने भी पूरे देश में मासिक धर्म अवकाश नीति लागू करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था, हालांकि उसने सरकार को इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने की छूट दी थी। इसके बावजूद, भारत के कुछ राज्य जैसे बिहार और ओडिशा में महिला सरकारी कर्मचारियों को महीने में दो दिन का मासिक धर्म अवकाश मिलता है।

बढ़ती महिला भागीदारी का संदर्भ

नेपाल सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब देश की सरकारी सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी में पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2007 में सिविल सर्विस एक्ट में संशोधन कर सरकारी नौकरियों में कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के लिए 45% आरक्षण लागू किया गया था, जिसमें से 33% पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे। नेपाल के इकोनॉमिक सर्वे 2023-24 के अनुसार, मार्च 2024 के मध्य तक सरकारी सेवाओं में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़कर 30% हो गई, जो 2008 में मात्र 8% थी।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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