बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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नेपाल बाढ़: कर्नाटक के 17 तीर्थयात्री अब भी लापता, मुख्यमंत्री ने survivor से बात कर बढ़ाया हौसला

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद कर्नाटक के कम से कम 17 लोग अब भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य सरकार ने नेपाल में फंसे अपने नागरिकों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षि…

नेपाल बाढ़: कर्नाटक के 17 तीर्थयात्री अब भी लापता, मुख्यमंत्री ने survivor से बात कर बढ़ाया हौसला
(फोटो: IANS)

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद कर्नाटक के कम से कम 17 लोग अब भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य सरकार ने नेपाल में फंसे अपने नागरिकों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को नई दिल्ली में पत्रकारों को यह जानकारी दी।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक से कई लोग नेपाल की यात्रा पर गए थे, जिनमें से कुछ का पता चल गया है, लेकिन कई अन्य लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, "हम लगातार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। 17 लोगों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है और उनकी तलाश जारी है।"

सरकार का समन्वय और बचाव अभियान

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि बचाव अभियान नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन और बेंगलुरु से समन्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम 24 घंटे काम कर रहे हैं।" राज्य सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी दूसरे देश में राज्य सरकार स्वतंत्र रूप से अभियान नहीं चला सकती, इसलिए संबंधित अधिकारियों और भारत सरकार के साथ मिलकर ही कन्नड़ नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।

आपदा में बचे व्यक्ति से मुख्यमंत्री की बातचीत

इस बीच, सरकार ने आपदा में जीवित बचे कलबुर्गी जिले के मल्लिनाथ के परिवार से संपर्क साधा है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने खुद मल्लिनाथ से फोन पर बात कर उनका हाल जाना। मल्लिनाथ ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, "सर, जो हमने देखा उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। हमारे आगे करीब 10 मिनट पहले निकली दो बसें लापता हो गईं। हम कैसे बचे, यह बताना मुश्किल है।"

जब मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या उन बसों में कर्नाटक के लोग थे, तो मल्लिनाथ ने बताया कि उनमें सवार सभी पर्यटक पश्चिम बंगाल से थे। उन्होंने यह भी बताया कि वे पिछले तीन दिनों से काठमांडू में हैं, लेकिन उनकी मुलाकात कर्नाटक के किसी अन्य व्यक्ति से नहीं हुई है। शिवकुमार ने मल्लिनाथ को सुरक्षित रहने और कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लेने की सलाह दी।

संकट में एकजुटता का संदेश

बातचीत के दौरान राजनीतिक मतभेदों का भी जिक्र हुआ। मल्लिनाथ ने कहा कि वे किसी और पार्टी के समर्थक हैं, लेकिन शिवकुमार के काम की सराहना करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि राजनीतिक विचारधारा चाहे जो भी हो, संकट की इस घड़ी में सभी कन्नड़ नागरिक एकजुट हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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