नेपाल के माउंट हिमलुंग में हिमस्खलन: चार पर्वतारोहियों की मौत, 12 अभी भी लापता
नेपाल के माउंट हिमलुंग बेस कैंप क्षेत्र में हुए एक विनाशकारी हिमस्खलन के बाद बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। इस आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 12 अन्य अभी भी लापता हैं…
नेपाल के माउंट हिमलुंग बेस कैंप क्षेत्र में हुए एक विनाशकारी हिमस्खलन के बाद बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। इस आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 12 अन्य अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इन आंकड़ों की जानकारी दी।
यह हादसा उस समय हुआ जब 7,126 मीटर ऊंचे पर्वत पर चढ़ाई की तैयारी चल रही थी। बताया जा रहा है कि अलग-अलग अभियान कंपनियों के करीब 27 गाइड और कर्मचारी बेस कैंप पर मौजूद थे। वे पर्वतारोहण शुरू होने से पहले रस्सियां और तंबू लगाने का काम कर रहे थे, तभी बर्फीले तूफान की चपेट में आ गए।
बचाव अभियान और वर्तमान स्थिति
मनांग के प्रमुख जिलाधिकारी, मुक्ति प्रसाद खनल ने बताया, "अब तक घटना वाली जगह से चार शव बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए दो शव काठमांडू भेजे गए हैं, जबकि दो अन्य को घटना वाली जगह से एयरलिफ्ट करके मनांग के जिला मुख्यालय, चामे लाया गया है।" उन्होंने यह भी पुष्टि की कि आपदा के बाद 11 लोगों से संपर्क स्थापित हो चुका है, लेकिन 12 की तलाश अभी भी जारी है।
सोमवार सुबह से ही बचाव कार्य चल रहा है, जिसके लिए हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया गया है। खनल के अनुसार, कई दिनों की लगातार बारिश के बाद मौसम में सुधार आया है, जिससे बचाव कार्यों में तेजी लाने में मदद मिली है। इससे पहले भारी बारिश के कारण मनांग सहित देश के कई हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति बनी हुई थी।
पर्यटन और पूर्व चेतावनी
यह घटना नेपाल में पर्यटन के लिए एक और झटका है, जो देश की आय का एक प्रमुख स्रोत है। इससे ठीक एक महीने पहले नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन से आई विनाशकारी बाढ़ में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 5,000 से अधिक लापता हो गए थे। उस आपदा के बाद, सरकार पर्यटकों से नेपाल आने का आग्रह कर रही थी।
गौरतलब है कि मनांग जिला प्रशासन कार्यालय ने भारी बारिश और बर्फबारी के पूर्वानुमान के चलते 25 से 27 सितंबर तक ऊंचाई वाले कई इलाकों में ट्रेकिंग पर रोक लगा दी थी।
इनपुट: IANS



