जयपुर: पड़ोसी ही निकला बुजुर्ग दंपति का कातिल, कर्ज उतारने के लिए डेढ़ साल से बना रहा था हत्या की योजना
राजस्थान के जयपुर में एक बुजुर्ग दंपति की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस दिल दहलाने वाली घटना का मुख्य साजिशकर्ता उनका अपना पड़ोसी ही निकला, जो कर्ज में डूबा हुआ था और लूट के इरादे से डेढ़…
राजस्थान के जयपुर में एक बुजुर्ग दंपति की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस दिल दहलाने वाली घटना का मुख्य साजिशकर्ता उनका अपना पड़ोसी ही निकला, जो कर्ज में डूबा हुआ था और लूट के इरादे से डेढ़ साल से इस अपराध की योजना बना रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक अन्य को हिरासत में लिया है।
यह मामला सायरा थाना क्षेत्र के पुनावाली गांव का है, जहां लहरीलाल पालीवाल और उनकी पत्नी राधाबाई की हत्या कर दी गई थी। 11 अगस्त को आखिरी बार फोन पर बात होने के बाद जब दंपति से संपर्क नहीं हो पाया, तो रिश्तेदारों ने उनकी तलाश शुरू की। तीन दिन बाद, 14 अगस्त को, उनके शव घर के ही एक बेड बॉक्स के अंदर छिपे हुए मिले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
कर्ज और लालच ने बनाया कातिल
जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के मुताबिक, मामले का मास्टरमाइंड मृतक दंपति का पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल है। वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और उस पर कई लोगों व बैंकों का कर्ज था। उसे पता था कि बुजुर्ग दंपति अक्सर घर पर अकेले रहते हैं और उनके पास नकदी व गहने होते हैं। इसी लालच में उसने उन्हें लूटने और हत्या करने की साजिश रची।
हत्याकांड की पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि कुशल ने अपने साथियों चंदन यादव, विकास खरवाड़ और दिलीप चौधरी के साथ मिलकर 9 अगस्त को दंपति के घर की रेकी की थी। बाद में उसने अपने चचेरे भाइयों, किशन और जीवन पालीवाल को भी इस साजिश में शामिल कर लिया। 11 अगस्त की रात को किशन और जीवन कुंडली दिखाने के बहाने घर में घुसे। जब लहरीलाल ऊपर की मंजिल पर थे, तब इन दोनों ने राधाबाई को बातों में उलझाए रखा और इसी बीच कुशल बाथरूम में छिप गया।
पुलिस के अनुसार, कुशल के इशारे पर उसके चचेरे भाई वहां से चले गए। देर रात उसने दरवाजा खोलकर अपने बाकी साथियों को अंदर बुला लिया। इसके बाद आरोपियों ने ऊपर जाकर लहरीलाल के सिर पर हथौड़े से वार कर उनकी हत्या कर दी और राधाबाई का गला घोंट दिया।
सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में लपेटकर बेड के बॉक्स में छिपा दिया। उन्होंने राधाबाई की चाबियों से अलमारी खोलकर गहने और नकदी चुरा ली। मामले को भटकाने के लिए वे दंपति के मोबाइल फोन भी साथ ले गए और बाद में उन्हें हाईवे पर फेंक दिया, ताकि ऐसा लगे कि दोनों अपनी मर्जी से कहीं चले गए हैं। पुलिस ने तकनीकी जांच, कॉल रिकॉर्ड और एक संदिग्ध कार के मूवमेंट के आधार पर आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों में कुशल पालीवाल, चंदन यादव, दिलीप चौधरी, किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल शामिल हैं।
इनपुट: IANS



