NDA की 'मंगल मिलन' बैठक: एंटी-चीटिंग बिल पर रणनीति, पहली बार शामिल हुए NCP(I) सांसद
संसद में 'एंटी-चीटिंग बिल' को लेकर चल रही बहस के बीच, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक की। मंगलवार को हुई इस बैठक को 'मंगल मिलन' नाम दिया गया है, जिसका…
संसद में 'एंटी-चीटिंग बिल' को लेकर चल रही बहस के बीच, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक की। मंगलवार को हुई इस बैठक को 'मंगल मिलन' नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल और रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह बैठक संसद भवन परिसर की लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित की गई।
इस बार की बैठक एक खास वजह से भी चर्चा में रही। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर हाल ही में बने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (NCP-I) के सांसद पहली बार इसमें शामिल हुए। बैठक में काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायनी घोष की उपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा, जो पहले तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थीं।
प्रमुख नेताओं की मौजूदगी और बैठक का एजेंडा
जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और एनडीए के अन्य सांसदों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। वहीं, विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित 'पुलिस बर्बरता' को लेकर सरकार पर हमलावर है।
एंटी-चीटिंग बिल और उसके प्रावधान
विपक्ष के भारी हंगामे के बीच सोमवार को राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में यह विधेयक पेश किया था। यह बिल मौजूदा 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन के लिए लाया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य कड़े कानूनी प्रावधानों के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करना है। इसके तहत दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, संपत्ति जब्त करने और तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने जैसे कड़े प्रावधान शामिल हैं।
इनपुट: IANS



