ममता बनर्जी के कार्यकर्ता को 'थप्पड़' मारने का वीडियो वायरल, NDA नेताओं ने साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें वह कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारती दिख रही हैं। सम
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें वह कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारती दिख रही हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना की है।
यह घटना बुधवार को कोलकाता के बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ हुए कथित दुष्कर्म और हत्या के विरोध में हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुई। यह विरोध मार्च कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर दक्षिण कोलकाता के बालीगंज आउटपोस्ट से हाजरा क्रॉसिंग तक निकाला गया था।
NDA नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "अब ममता बनर्जी हिंसा चाहती हैं, जबकि भाजपा और सरकार चाहती है कि किसी भी तरह की हिंसा को बढ़ावा न मिले। जो भी हिंसा करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। तृणमूल कांग्रेस को भी भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए।" उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने की भी अपील की।
वहीं, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "ममता बनर्जी अभी भी बदलने को तैयार नहीं हैं। जो लोग राजनीतिक दल को अपनी निजी संपत्ति समझते हैं, उन्हें जनता अंत में नकार देती है।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की हरकतें जारी रहीं तो "भविष्य में पार्टी को और बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।"
बंगाल की राजनीति और आत्ममंथन की सलाह
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के संगठन पर टिप्पणी करते हुए कहा, "ममता बनर्जी की पार्टी में कभी कोई मजबूत संगठन नहीं था। यह सिर्फ एक भीड़ थी, जिसमें कुछ असामाजिक तत्व शामिल थे।" उन्होंने आगे कहा, "जब स्थिति को संभालने का समय था, तब उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब जो कुछ लोग बचे हैं, उन्हें ही थप्पड़ मार रही हैं।"
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने चुनाव के बाद की निराशा का जिक्र करते हुए आत्ममंथन की सलाह दी। उन्होंने कहा, "चुनाव में हार के बाद नेताओं में निराशा होना सामान्य बात है, लेकिन इस तरह के दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं... उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह है, जिसके कारण लोग ममता बनर्जी और उनके समर्थकों का साथ छोड़ रहे हैं।"
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी इस घटना पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद सामान्य है, लेकिन "अराजकता स्वीकार नहीं की जा सकती।" साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि, "जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई की थी। ऐसे में हर कार्रवाई की प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है।" यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उसके कार्यकर्ताओं से मारपीट की गई।
इनपुट: IANS



