बेंगलुरु में अवैध रूप से रह रहे 5 विदेशी नागरिक हिरासत में, ड्रग्स कनेक्शन का शक
बेंगलुरु में ड्रग्स तस्करी और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और बेंगलुरु सिटी पुलिस ने…
बेंगलुरु में ड्रग्स तस्करी और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और बेंगलुरु सिटी पुलिस ने एक संयुक्त अभियान चलाकर पाँच विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इन सभी पर नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।
यह कार्रवाई सितंबर 2026 के पहले पखवाड़े में की गई, जो खुफिया सूचनाओं पर आधारित थी। अधिकारियों को खबर मिली थी कि शहर में कुछ विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं और उनके तार ड्रग्स की तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। इसी जानकारी के आधार पर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ईस्ट और व्हाइटफील्ड) के साथ मिलकर यह ऑपरेशन चलाया गया।
कानूनी स्थिति और आगे की कार्रवाई
NCB के अनुसार, हिरासत में लिए गए ये नागरिक कृष्णराजपुरा और कम्मनाहल्ली इलाकों से पकड़े गए। उन पर गुप्त रूप से नज़र रखी जा रही थी, जिससे पता चला कि वे किसी वैध व्यवसाय, नौकरी या पढ़ाई से नहीं जुड़े थे। हालांकि, जाँच में उनके खिलाफ कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला।
मुख्य समस्या यह थी कि वे भारत में रहने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ पेश नहीं कर पाए। इसलिए, उन्हें 'फॉरेनर्स एक्ट' के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस को सौंप दिया गया है, ताकि उन्हें देश से वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
मकान-मालिकों के लिए चेतावनी
इस ऑपरेशन ने विदेशी नागरिकों को किराए पर घर देने वाले मकान-मालिकों की जिम्मेदारी पर भी ध्यान खींचा है। NCB ने स्पष्ट किया कि 'फॉरेनर्स एक्ट, 1946' की धारा 7 के अनुसार, किसी भी विदेशी को किराएदार रखने के 24 घंटे के भीतर 'फॉर्म-सी' के जरिए पुलिस या 'फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस' (FRRO) को सूचित करना अनिवार्य है। इस नियम का पालन न करने पर एक्ट की धारा 14 के तहत पाँच साल तक की जेल हो सकती है।
ड्रग्स के खिलाफ NCB का अभियान
यह कार्रवाई NCB के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत ड्रग्स तस्करी में शामिल संदिग्ध और अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जा रहा है। इस ताजा ऑपरेशन के अलावा, NCB बेंगलुरु जोनल यूनिट ने 2026 में अब तक आठ अन्य विदेशी नागरिकों (सात अफ्रीकी और एक यमनी) को इन्हीं कारणों से वापस भेजा है। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे नशीली दवाओं से जुड़ी कोई भी जानकारी टोल-फ्री नंबर '1933' पर दें।
इनपुट: IANS



