गुरूवार, 16 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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भारत-यूके व्यापार समझौता लागू, भारतीय पेशेवरों और निर्यातकों को मिलेगी बड़ी राहत और नए अवसर

भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता अब लागू हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार, नि

भारत-यूके व्यापार समझौता लागू, भारतीय पेशेवरों और निर्यातकों को मिलेगी बड़ी राहत और नए अवसर
(फोटो: IANS)

भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता अब लागू हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और नवाचार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है, जो 'विकसित भारत' के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलेगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इसके तहत भारत से होने वाले करीब 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में बिना किसी शुल्क (जीरो ड्यूटी) के प्रवेश मिलेगा। यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच होने वाले लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करती है।

पेशेवरों के लिए दोहरी सामाजिक सुरक्षा से राहत

व्यापार के अलावा, यह समझौता ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आया है। 'डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन' (DCC) के लागू होने से अब ब्रिटेन में अल्पकालिक नियुक्ति पर जाने वाले भारतीय पेशेवरों को शुरुआती पांच साल तक वहां सामाजिक सुरक्षा में अंशदान नहीं करना होगा। वे इस दौरान भारत में ही अपना सामाजिक सुरक्षा योगदान जारी रख सकेंगे। आईटी उद्योग की शीर्ष संस्था नैसकॉम ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पेशेवरों को सीधा लाभ मिलेगा।

उद्योग जगत ने क्या कहा?

उद्योग जगत की प्रमुख संस्थाओं ने इस समझौते को लेकर उत्साह जताया है। फिक्की (FICCI) के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने इसे 'विकसित भारत' के विजन को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा, "जब भारत एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, तब ऐसी आर्थिक साझेदारियां व्यापार के नए अवसर पैदा करने और वैश्विक नेटवर्क में भारत की भागीदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।"

वहीं, नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि उनका संगठन इस मुक्त व्यापार समझौते को व्यापार, निवेश और नवाचार के ठोस परिणामों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रौद्योगिकी को आर्थिक विकास की प्रमुख शक्ति बताया।

तकनीकी सहयोग और रोजगार

दोनों देशों के बीच डिजिटल व्यापार और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने के लिए नवंबर 2025 में 'नैसकॉम यूके फोरम' की शुरुआत की गई थी। इस फोरम के चेयरमैन मनीष मल्होत्रा के अनुसार, भारत और ब्रिटेन की प्रौद्योगिकी साझेदारी अब विकास के एक नए चरण में है। उन्होंने बताया कि केवल कुछ प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियां ही ब्रिटेन में 35,000 से अधिक नौकरियां देती हैं, जिनमें से 62% नौकरियां लंदन के बाहर हैं, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिल रहा है।

इनपुट: IANS

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