गुरूवार, 16 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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उड़ान योजना में बड़े बदलाव: अब 5 साल तक मिलेगी वित्तीय मदद, छोटे शहरों की कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस

छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'उड़ान' योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें कई अहम बदलाव किए गए हैं। अब इस योजना के तहत एयरलाइंस को दी जाने वाली वित्तीय सहायता

उड़ान योजना में बड़े बदलाव: अब 5 साल तक मिलेगी वित्तीय मदद, छोटे शहरों की कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस
(फोटो: IANS)

छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'उड़ान' योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें कई अहम बदलाव किए गए हैं। अब इस योजना के तहत एयरलाइंस को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इसका मकसद क्षेत्रीय यानी रीजनल रूट्स को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाना है, ताकि वे लंबे समय तक आत्मनिर्भर होकर चल सकें।

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उड़ान योजना पर आयोजित एक कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस पूरी योजना को अगले 10 वर्षों के लिए विस्तार दे दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य ध्यान अब क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने पर है।

सहायता के लिए बदले नियम

योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा हवाई अड्डों और रूट्स तक पहुंचाने के लिए सरकार ने वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) यानी संचालन में होने वाले घाटे की भरपाई के लिए दी जाने वाली आर्थिक मदद के नियमों में भी ढील दी है। राम मोहन नायडू के अनुसार, पहले किसी एयरपोर्ट को 'अनसर्व्ड' या 'अंडरसर्व्ड' तब माना जाता था, जब वहां हफ्ते में 7 से कम उड़ानें होती थीं। अब इस सीमा को दोगुना करके 14 उड़ानें प्रति सप्ताह कर दिया गया है। इस बदलाव से कई नए एयरपोर्ट और रूट सरकारी मदद के दायरे में आ जाएंगे।

घाटे में चल रहे एयरपोर्ट्स को भी मदद

केंद्रीय मंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के ऐसे हवाई अड्डे जो कम यात्रियों के कारण घाटे में हैं, उन्हें भी सरकार संचालन और रखरखाव (O&M) के लिए वित्तीय सहायता देगी। उन्होंने कहा, "जहां एयरपोर्ट अपने संचालन खर्च पूरे नहीं कर पा रहे हैं, वहां सरकार वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगी ताकि उनकी सेवाएं सुचारु रूप से जारी रह सकें।"

इसके अलावा, नायडू ने बताया कि देश में हवाई अड्डों का विकास तेजी से हो रहा है और लगभग हर महीने एक नया एयरपोर्ट या टर्मिनल तैयार हो रहा है। उन्होंने अगले 10 वर्षों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपोर्ट विकसित करने के सरकार के लक्ष्य को भी दोहराया, जिसके लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया।

हवाई किराए पर सरकार का रुख

हवाई किरायों में बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार अदालत के सामने अपना पक्ष और नियामकीय ढांचा स्पष्ट करेगी। उन्होंने कहा कि मांग के अनुसार किराया बदलने वाली 'डायनेमिक फेयर प्राइसिंग' एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था है और भारत में भी विमानन क्षेत्र के विकास के लिए इसे अनुमति दी गई है।

इनपुट: IANS

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