भारतीय रियल एस्टेट में रिकॉर्ड तोड़ निवेश, 2026 की पहली छमाही में आया 8.5 अरब डॉलर
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर ने 2026 की पहली छमाही में निवेश के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म CBRE साउथ एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से जून के बीच इस क्षेत्
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर ने 2026 की पहली छमाही में निवेश के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म CBRE साउथ एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से जून के बीच इस क्षेत्र में 8.5 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश आया है, जो किसी भी छमाही के लिए अब तक का सर्वाधिक है।
समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि यह निवेश पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 32 प्रतिशत ज़्यादा है। इस ज़बरदस्त उछाल के पीछे मुख्य रूप से ज़मीन और डेवलपमेंट साइट्स की ख़रीदारी के साथ-साथ पहले से तैयार ऑफ़िस संपत्तियों में लगातार हो रहा मज़बूत निवेश है।
निवेश में घरेलू निवेशकों का दबदबा
इस छमाही में आए कुल निवेश में घरेलू निवेशकों की भूमिका सबसे अहम रही। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में आए कुल 3.4 अरब डॉलर के निवेश का लगभग 92% हिस्सा घरेलू निवेशकों ने लगाया, जिसमें डेवलपर्स की बड़ी हिस्सेदारी थी। इस तिमाही में डेवलपर्स कुल निवेश में लगभग 34% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने क़रीब 32% का योगदान दिया।
CBRE के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमान मैगज़ीन ने कहा, "घरेलू निवेशकों ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर की दीर्घकालिक संभावनाओं पर मजबूत भरोसा दिखाया है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि साल की दूसरी छमाही में भी यह रफ़्तार बनी रहेगी और वैश्विक हालात सुधरने पर विदेशी निवेशक भी दोबारा सक्रिय होंगे।
इन शहरों और सेक्टर्स में सबसे ज़्यादा पैसा लगा
निवेश के लिए बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई निवेशकों की पहली पसंद बने रहे। साल की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में हुए कुल निवेश का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं तीन शहरों में आया। इस दौरान, ज़मीन और डेवलपमेंट साइट्स के साथ-साथ तैयार ऑफ़िस संपत्तियों में कुल निवेश का लगभग 94% हिस्सा लगाया गया।
ज़मीन अधिग्रहण के सौदों में सबसे ज़्यादा पैसा (88% से अधिक) आवासीय और ऑफ़िस परियोजनाओं के लिए लगाया गया। बाकी निवेश डेटा सेंटर, मिक्स्ड-यूज़ प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक्स (I&L) जैसी परियोजनाओं में किया गया। CBRE इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव कुमार ने कहा कि संस्थागत निवेश और ज़मीन सौदों में तेज़ी इस क्षेत्र की मज़बूती को दर्शाती है।
इनपुट: IANS



