जंजीबार के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विनयी भारत दौरे पर, IIT मद्रास के साथ संबंधों पर रहेगा जोर
भारत और तंजानिया के बीच शैक्षणिक और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से, जंजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनयी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत
भारत और तंजानिया के बीच शैक्षणिक और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से, जंजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हुसैन अली म्विनयी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत आ रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह महत्वपूर्ण दौरा 17 से 20 जुलाई तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति म्विनयी एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ उनकी पत्नी, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास का जंजीबार परिसर अपनी स्थापना के दो सफल वर्ष पूरे कर चुका है। अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ यह परिसर, भारत की वैश्विक शैक्षणिक पहुंच और अफ्रीका के साथ सहयोग का एक अहम प्रतीक माना जाता है। इसी संदर्भ में, राष्ट्रपति म्विनयी अपनी यात्रा की शुरुआत चेन्नई से करेंगे, जहाँ वे IIT मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
उच्चस्तरीय बैठकें और द्विपक्षीय चर्चा
चेन्नई के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति 18 जुलाई की रात नई दिल्ली पहुंचेंगे। उनके दिल्ली प्रवास के दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित हैं। 19 जुलाई को वे भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उपराष्ट्रपति के साथ होने वाली बैठक में भारत और तंजानिया के बीच संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श होगा। अपनी यात्रा के दौरान वे राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे।
भारत-तंजानिया संबंधों को मिलेगी नई ऊर्जा
भारत और तंजानिया के बीच ऐतिहासिक रूप से मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देश 'ग्लोबल साउथ' के साझेदार के तौर पर व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने विश्वास जताया है कि राष्ट्रपति म्विनयी की इस यात्रा से भारत-जांजीबार और समग्र रूप से भारत-तंजानिया संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे आपसी हितों पर आधारित साझेदारी और भी मजबूत होगी।
इनपुट: IANS



