ईरान की अमेरिका को दो टूक चेतावनी: हमारे ठिकानों पर हमला हुआ तो मध्य-पूर्व का नक्शा बदल देंगे
मध्य एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिकी धमकियों का बेहद कड़ा जवाब देते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान पहुंचाया गय
मध्य एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिकी धमकियों का बेहद कड़ा जवाब देते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसके बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान पहुंचाया गया तो वह पूरे मध्य-पूर्व के रणनीतिक ठिकानों को तबाह कर देगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान गुरुवार को ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोल्फाघरी ने दिया।
जोल्फाघरी ने ईरानी स्टेट मीडिया से कहा, "अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी धमकियों को अमल में लाते हैं, तो ईरान के सशस्त्र बल ऐसे जवाबी हमले करेंगे कि मिडिल ईस्ट के रणनीतिक ढांचों का कोई निशान नहीं बचेगा।" उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी अमेरिकी दखल को अस्वीकार्य बताते हुए कहा, "किसी भी परिस्थिति में और किसी भी तरीके से हम अमेरिका जैसे बाहरी और क्षेत्र से बाहर के देश को होर्मुज में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देंगे।"
हमले और जवाबी कार्रवाई के दावे
यह बयानबाजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंगलवार को दी गई एक धमकी के बाद तेज हुई है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर तेहरान बातचीत के लिए राजी नहीं होता है, तो अमेरिकी सेना अगले हफ्ते ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाना शुरू कर सकती है।
इसी बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने जवाबी हमलों का दावा भी किया है। गुरुवार को ईरान ने कहा कि उसने बहरीन में स्थित शेख ईसा एयर बेस पर दोबारा हमला कर वहां के "हवाई निगरानी और नियंत्रण करने वाले रडार पूरी तरह नष्ट कर दिए" हैं। साथ ही "लड़ाकू विमानों के ईंधन टैंक पंपिंग स्टेशन को भी तबाह कर दिया गया।"
हमलों की वजह और भविष्य की चेतावनी
IRGC के मुताबिक, इन ड्रोन हमलों में उन संचार और रडार प्रणालियों को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी बल करते हैं, जिनमें सुपर हॉक रडार और पैट्रियट सिस्टम शामिल हैं। ईरान ने इन हमलों को अमेरिका की उन कार्रवाइयों का जवाब बताया है, जिनके कारण अहवाज में बच्चों के कैंसर अस्पताल और इलाम प्रांत में कर्बला जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बने पानी के प्लांट को खाली कराना पड़ा था। इसके अलावा, IRGC ने कुवैत और जॉर्डन पर भी आगे हमले करने का दावा किया है।
इनपुट: IANS



