नेपाल में नारायणी नदी उफान पर, भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा
नेपाल में नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिसके कारण दक्षिणी चितवन और नवलपरासी जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह…
नेपाल में नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिसके कारण दक्षिणी चितवन और नवलपरासी जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह नदी का जलस्तर 11 मीटर तक पहुंच गया, जबकि इसका खतरे का निशान 9 मीटर है। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
चूंकि नारायणी नदी को भारत में गंडक के नाम से जाना जाता है, इसलिए नेपाल में आई इस बाढ़ का असर भारत के निचले सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है। सेंटर ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड वॉटर रिसोर्सेज रिसर्च (सीएचडब्ल्यूआरआर) ने रविवार सुबह 7:45 बजे जारी बुलेटिन में अनुमान लगाया था कि देवघाट बाढ़ निगरानी स्टेशन पर जलस्तर दोपहर तक बढ़कर 13 मीटर के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है और शाम तक खतरे के निशान से ऊपर बने रहने की आशंका है।
सहायक नदियों में भी बढ़ा जलस्तर
नारायणी की प्रमुख सहायक नदी काली गंडकी भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। इसके अलावा, सेती, माडी, मर्स्यांगडी, डारौंडी और चेपे जैसी अन्य सहायक नदियों ने भी चेतावनी स्तर को पार कर लिया है और उनका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बूढ़ी गंडकी और त्रिशूली नदियां भी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं। इस तेज बहाव के कारण चितवन और नवलपरासी (पूर्व और पश्चिम) जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव का जोखिम बढ़ गया है। ये तीनों जिले भारत की सीमा से सटे हुए हैं।
भूस्खलन और घरों को नुकसान
नेपाल 24 सितंबर से लगातार हो रही बारिश का सामना कर रहा है, जिससे हाल ही में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में भी विनाशकारी बाढ़ आई थी। नेपाल पुलिस के अनुसार, भारी बारिश के कारण पश्चिमी नेपाल के पाल्पा जिले में रविवार तड़के भूस्खलन हुआ, जिसमें एक घर के दब जाने से तीन लोग लापता हो गए हैं। वहीं, पर्वत जिले में काली गंडकी नदी की बाढ़ ने 25 घरों को बहा दिया। पुलिस ने बताया कि इस इलाके के करीब 80 घरों में से बाकी घर भी खतरे में हैं, हालांकि सभी निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
प्रशासन की चेतावनी
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने जान-माल के खतरे को देखते हुए लोगों से नदी के किनारों, पुलों और तटबंधों जैसी संवेदनशील जगहों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है और शाम तक हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है।
इनपुट: IANS



