मध्य प्रदेश में बारिश का कहर जारी, अगले 5 दिन भारी वर्षा का अलर्ट; CM मोहन यादव ने संभाला मोर्चा
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके चलते अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम…
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके चलते अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल ने 26 अगस्त तक के लिए यह अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
मौसम विभाग (IMD) ने विशेष रूप से पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के इलाकों में मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई है। डिंडोरी, बालाघाट, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, दमोह और सागर जैसे जिलों में अलग-अलग दिनों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री
इस बीच, बारिश से उपजे हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया और रीवा, शहडोल तथा जबलपुर संभागों में अत्यधिक बारिश से हुए नुकसान और राहत कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, "बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।" उन्होंने राहत शिविरों में भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधाओं से लेकर पेयजल स्रोतों के क्लोरीनीकरण और बिजली आपूर्ति की तत्काल बहाली सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
नुकसान का आकलन और राहत के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराने का निर्देश दिया ताकि किसानों को समय पर बीज और अन्य मदद मिल सके। इसके अलावा, पशुओं के इलाज के लिए विशेष टीमें भेजने, मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने और गौशालाओं में चारे की पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पिछले 24 घंटों में (23 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक) प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिसमें गोहपाल में 98 मिमी, जैतहरी में 85.6 मिमी और बैहर में 82 मिमी वर्षा शामिल है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने, और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इनपुट: IANS



