बालाघाट: बैगा बच्चों की मौत पर सरकार का एक्शन, उपमुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मिलकर दिया मदद का भरोसा
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की बीमारी और मौत के मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला शनिवार को प्रभावि…
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की बीमारी और मौत के मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला शनिवार को प्रभावित माछुर्दा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्ला ने परिवारों को सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री ने बिरसा विकास खंड के इस गांव में जाकर बैगा परिवारों से सीधे बातचीत की और उनकी स्वास्थ्य समस्याओं व अन्य कठिनाइयों को समझा। उन्होंने प्रभावित परिवारों से कहा, "सरकार आपके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।" शुक्ला ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है और उन्होंने स्थानीय लोगों से विशेष टीकाकरण अभियान में सहयोग करने की अपील की।
स्वास्थ्य सेवाओं पर एक्शन और जांच के निर्देश
इस दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि बालाघाट के जिला टीकाकरण अधिकारी का तबादला कर दिया गया है, जबकि जिला मलेरिया अधिकारी को पद से हटा दिया गया है। शुक्ला ने स्पष्ट किया कि बैगा बच्चों की मौत के मामले की पूरी जांच होगी और अगर किसी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने माछुर्दा उप-स्वास्थ्य केंद्र में एक सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) की तैनाती के भी निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
जागरूकता और पोषण पर विशेष जोर
राजेंद्र शुक्ला ने अपनी बातचीत में पोषण और स्वच्छता के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने परिवारों को आसपास सफाई रखने और बच्चों को पौष्टिक भोजन देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बैगा आदिवासी परिवारों में स्वास्थ्य और अन्य जरूरी मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, वह भोपाल लौटकर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बच्चों के पोषण की व्यवस्था पर चर्चा करेंगे ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों की सेवाओं को और मजबूत किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि बिरसा क्षेत्र के 38 गांवों में मलेरिया से बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रही हैं ताकि बीमार लोगों की पहचान कर उनका तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
इनपुट: IANS



