मेघालय: 96,000 से ज़्यादा ST छात्रों के खाते में सीधे पहुँचेगी स्कॉलरशिप, पहली किस्त जारी
मेघालय के लगभग 97,000 अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की पहली किस्त जारी कर दी है, जिससे 96,812…
मेघालय के लगभग 97,000 अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की पहली किस्त जारी कर दी है, जिससे 96,812 छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के ज़रिए यह राशि जारी की।
शिलांग कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में, शिक्षा मंत्री लखमेन रिम्बुई की उपस्थिति में 93.698 करोड़ रुपए की पहली किस्त छात्रों के खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस शैक्षणिक वर्ष के लिए सत्यापित आवेदनों के आधार पर कुल छात्रवृत्ति की आवश्यकता 198.42 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय ने 84.55 करोड़ रुपए का योगदान दिया है, जबकि मेघालय सरकार ने अपने 10% हिस्से के रूप में 9.40 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
छात्रों के लिए वित्तीय सहायता
इस अवसर पर मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि छात्रवृत्ति सिर्फ़ एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का एक माध्यम है कि छात्र अपने परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना अपनी शिक्षा जारी रख सकें। उन्होंने बताया कि इस राशि से छात्रों को ट्यूशन फीस, छात्रावास शुल्क, किताबें और अध्ययन सामग्री जैसे खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
नई प्रणाली से तेज़ भुगतान
मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति जारी होने में पहले होने वाली देरी का कारण केंद्र से देर से मिलने वाली धनराशि को बताया। हालांकि, इस वर्ष एक नई 'एकल नोडल एजेंसी' (SNA) प्रणाली शुरू की गई है, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज़ हो गई है। इस व्यवस्था के तहत, सत्यापन पूरा होने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा ट्रांसफर करता है। अधिकारियों के अनुसार, सभी 96,812 छात्रों तक पैसा पहुँचने में चार से पाँच कार्यदिवस लग सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपील की कि यदि उन्हें तुरंत राशि या SMS न मिले तो वे घबराएँ नहीं। साथ ही, उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वे असफल लेनदेन की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि हर पात्र छात्र को छात्रवृत्ति का लाभ मिले। उन्होंने यह भी बताया कि 2026-27 की छात्रवृत्ति के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल 3 जुलाई से 30 नवंबर तक खुला रहेगा।
इनपुट: IANS



